“रेलवे का टाइम और ईमानदारी दोनों शानदार” — सीनियर डीसीएम उचित सिंघल की टीम ने लौटाई घड़ी

ईमानदारी बनी पहचान: श्रीनगर वंदे भारत में छूटी कीमती घड़ी रेल कर्मियों ने लौटाकर जीता यात्री का दिल

जम्मू। भारतीय रेल की सेवा भावना और ईमानदारी का एक और प्रेरणादायक उदाहरण जम्मू मंडल में देखने को मिला, जब श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में छूटी एक यात्री की कीमती घड़ी रेल कर्मियों की सतर्कता और ईमानदारी से सुरक्षित उसके मालिक तक पहुंचा दी गई।

घटना गुरुवार की है, जब ट्रेन संख्या 26401 श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच C-11 के वॉशरूम में एक यात्री अपनी महंगी घड़ी भूल गया। ट्रेन स्टाफ की पैनी नजर पड़ते ही मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।

ट्रेन सुपरिटेंडेंट अंकुश शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए कोच में अनाउंसमेंट करवाया और यात्रियों से पूछताछ शुरू की। कुछ ही देर में एक यात्री ने आगे आकर घड़ी पर अपना दावा किया। रेलवे स्टाफ ने पूरी जिम्मेदारी और सावधानी बरतते हुए यात्री के पीएनआर और पहचान पत्र की गहन जांच की।

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों की मौजूदगी में घड़ी सम्मानपूर्वक यात्री को सौंप दी गई। अपनी खोई हुई कीमती घड़ी वापस पाकर यात्री भावुक हो उठा और रेल प्रशासन की ईमानदारी, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय रेल के फ्रंटलाइन कर्मचारी सेवा, जिम्मेदारी और ईमानदारी के सच्चे प्रतीक हैं। उन्होंने टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ के बेहतर समन्वय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं यात्रियों के बीच रेलवे के प्रति विश्वास को और मजबूत करती हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू मंडल का पूरा स्टाफ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और आगे भी इसी समर्पण के साथ कार्य करता रहेगा।

इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय रेल केवल सफर का माध्यम नहीं, बल्कि भरोसे और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक है।

राघवेंद्र सिंह जनसंपर्क निरीक्षक, जम्मू मंडल