हल्दीर रोड स्टेशन पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के साथ फुलस्केल मॉकड्रिल, रेल दुर्घटना से निपटने की तैयारियों का हुआ परीक्षण

बरेली। रेल दुर्घटना की स्थिति में रेल कर्मचारियों की सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही की जांच के उद्देश्य से इज्जतनगर मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा के निर्देशन में हल्दीर रोड रेलवे स्टेशन पर फुलस्केल मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल में एनडीआरएफ गदरपुर तथा एसडीआरएफ काशीपुर (उत्तराखण्ड) की टीमों ने रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

मॉकड्रिल के तहत हल्दीर रोड स्टेशन यार्ड में दुर्घटना का वास्तविक जैसा दृश्य तैयार किया गया। इसके बाद इज्जतनगर मंडल के नियंत्रण कक्ष में 13:20 बजे तथा मंडल कार्यालय भवन में 13:24 बजे हूटर बजाकर और टेलीफोन के माध्यम से रेल अधिकारियों को सूचना दी गई कि स्टेशन यार्ड में मालगाड़ी लाइन संख्या 4 से लाइन संख्या 3 में शंटिंग के दौरान कैम्प कोच से टकरा गई है, जिससे कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए हैं।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यू.एस. नाग, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोहर कुमार, डॉ. एस.एस. चौहान, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. हरीश रेडतौलिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (मुख्यालय) भरत तिवारी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर-1 विनोद कुमार वर्मा, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक-2 अरिजीत सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (सवारी माल/डिब्बा) शुभम कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (टीआरडी) राजकुमार, सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी हरिशंकर कुमार सहित अन्य अधिकारी तत्काल दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। वहीं अपर मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार सहित सभी शाखा अधिकारी मंडल नियंत्रण कक्ष में पहुंच गए।

मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, सिविल पुलिस, अग्निशमन दस्ता, स्काउट-गाइड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन के सदस्यों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय सहयोग किया।

कैम्प कोच में मौजूद घायल रेल कर्मियों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए इज्जतनगर मंडल नियंत्रण कक्ष से तत्काल हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए तथा हल्दीर रोड एवं लालकुआं स्टेशन पर सहायता बूथ खोले गए। इसके साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया।

इज्जतनगर मंडल और हल्दीर रोड से सिविल एवं निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। वहीं लालकुआं से दुर्घटना सहायता गाड़ी एवं दुर्घटना सहायता चिकित्सा गाड़ी को तुरंत रवाना किया गया, जिससे आवश्यक संसाधन मौके पर पहुंचाए गए। मॉकड्रिल के दौरान अवपथित कोच को राहत कार्य के माध्यम से व्यवस्थित किया गया और 14:38 बजे मॉकड्रिल समाप्त घोषित कर दी गई।

मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा ने मॉकड्रिल की समीक्षा करते हुए इसे पूर्ण रूप से सफल बताया। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से दुर्घटना के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित निर्णय क्षमता की प्रभावी जांच हुई है।

रेलवे की दुर्घटना राहत टीम तथा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करते हुए रेस्क्यू कार्य किया। इस दौरान रेस्क्यू से जुड़ी नवीनतम तकनीक और अनुभवों का भी आपस में आदान-प्रदान किया गया।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की मॉकड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुर्घटना प्रबंधन क्षमता को और मजबूत बनाना है।

संजीव शर्मा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर