अहमदाबाद–धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी, ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी दुनिया की पहली तेज ट्रेन

अहमदाबाद। गुजरात को देश का पहला सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अहमदाबाद (सरखेज) धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह भारतीय रेलवे की पहली स्वदेशी तकनीक आधारित सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना होगी, जिस पर भविष्य में नमो भारत ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

यह नई रेल लाइन करीब 134 किलोमीटर लंबी होगी, जो अहमदाबाद को धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र, आगामी धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर से जोड़ेगी। परियोजना की डिजाइन गति 220 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि ट्रेनों की परिचालन गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इस रूट पर कुल 13 स्टेशन विकसित किए जाएंगे।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत बड़े स्तर पर आधुनिक रेलवे ढांचा तैयार किया जाएगा। इसमें 3 मेगा पुल, लगभग 74 किलोमीटर वायाडक्ट, 39 रोड अंडर ब्रिज तथा 2 रेल ओवर रेल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। कुल ट्रैक लंबाई लगभग 293 किलोमीटर होगी। इस परियोजना को अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अहमदाबाद?धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नई शुरुआत है। यह केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि आधुनिक, तेज और आत्मनिर्भर भारत की परिवहन व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह स्वदेशी तकनीक आधारित परियोजना भविष्य में देशभर में सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विस्तार का आधार बनेगी।

गुजरात सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने कहा कि यह परियोजना राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास में नया अध्याय जोड़ेगी। इससे धोलेरा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि यह कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के समानांतर नए संरेखण पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा कॉरिडोर होगा, जहां ब्रॉडगेज ट्रैक पर 220 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सेमी हाई-स्पीड ट्रेन दौड़ेगी। परियोजना पूरी तरह मेक इन इंडिया तकनीक पर आधारित होगी और ट्रेनों में अत्याधुनिक कवच 5.0 सुरक्षा प्रणाली लगाई जाएगी।

रेलवे के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय घटकर लगभग एक घंटे से भी कम रह जाएगा। इससे लगभग 284 गांवों और 5 लाख से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख टन अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता बढ़ने की संभावना है। रेलवे का अनुमान है कि इससे लॉजिस्टिक लागत में हर साल करीब 54 करोड़ रुपये की बचत होगी। निर्माण चरण में लगभग 91 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन होने की संभावना है। इसके साथ ही हर साल करीब 0.48 करोड़ लीटर ईंधन की बचत और लगभग 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। अहमदाबाद?धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को गुजरात के विकास और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।