एनएफआर की बड़ी उपलब्धि: चापरमुख-सेनचोवा सेक्शन में नया पुल चालू, ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में होगा सुधार

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने रेल बुनियादी ढांचे के उन्नयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए असम के चापरमुख-सेनचोवा सेक्शन में नवनिर्मित बड़े पुल संख्या-7 को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह पुल लामडिंग मंडल के अंतर्गत बनाया गया है और इसे 3 मई 2026 को स्थायी ट्रैक डायवर्जन के साथ कमीशन किया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह नया पुल प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट स्लैब और ओपन वेब गर्डर तकनीक के संयोजन से तैयार किया गया है, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है। यह पुल पुराने पुल की जगह लेगा, जो पहले मीटर गेज का था और 1994 में ब्रॉड गेज में परिवर्तन के दौरान मजबूती देकर उपयोग में लाया गया था।

हालांकि पुराने पुल पर परिचालन संबंधी सीमाएं थीं और इस पर 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्थायी गति सीमा (पीएसआर) लागू थी, जिससे ट्रेनों की रफ्तार और संचालन प्रभावित हो रहा था। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएफआर ने इस पुल के पुनर्निर्माण तथा स्थायी वैकल्पिक ट्रैक निर्माण का कार्य शुरू किया।

रेलवे द्वारा लगभग 6 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान सुनियोजित कट-एंड-कनेक्शन अभियान चलाकर नए पुल और ट्रैक को मौजूदा चालू लाइन से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। उल्लेखनीय बात यह रही कि सभी परिचालन चुनौतियों के बावजूद कार्य को कुशलता से पूरा कर उसी दिन इस सेक्शन को ट्रेनों के लिए खोल दिया गया।

इस नए पुल के चालू होने से अब पहले लागू 40 किमी प्रति घंटे की गति सीमा समाप्त हो गई है, जिससे इस सेक्शन में ट्रेनों की गति बढ़ेगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और सुरक्षा भी अधिक मजबूत होगी।

एनएफआर ने बताया कि यह उपलब्धि क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने तथा यात्रियों और माल ढुलाई के लिए विश्वसनीय सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कपिंजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी