श्राइन बोर्ड की बेहतरीन व्यवस्थाओं से बढ़ा श्रद्धालुओं का भरोसा, यात्रा में जबरदस्त उछाल

वैष्णो देवी यात्रा ने रचा नया इतिहास, 2026 के पहले चार महीनों में 29.92 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

त्रिकुटा पर्वत पर गूंजे जयकारे, श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं से बढ़ा श्रद्धालुओं का भरोसा

कटड़ा। विश्व स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद मां वैष्णो देवी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत नजर आ रही है। वर्ष 2026 के पहले चार महीनों (जनवरी से अप्रैल) में ही 29,92,479 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के पवित्र दरबार में हाजिरी लगाकर एक नई उपलब्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2025 की तुलना में 1,23,079 अधिक है, जो यात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत देता है।

श्रद्धालुओं का यह जनसैलाब इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि मां वैष्णो देवी की यात्रा न केवल आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है, बल्कि लोगों की अटूट आस्था का जीवंत उदाहरण भी है। त्रिकुटा पर्वत पर लगातार गूंज रहे ?जय माता दी? के जयकारों से कटड़ा सहित पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंगा हुआ है।

श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं से यात्रा में नई ऊर्जा

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का बड़ा कारण श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की उत्कृष्ट व्यवस्थाएं मानी जा रही हैं। सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा, पेयजल, भोजन, यातायात और आवास जैसी सभी सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।

श्रद्धालु बिना किसी भय या परेशानी के आधार शिविर कटड़ा पहुंचकर पंजीकरण कर रहे हैं और सुविधाजनक व्यवस्था के तहत भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। प्रशासनिक सतर्कता और श्राइन बोर्ड की सक्रियता ने श्रद्धालुओं के भरोसे को और मजबूत किया है।

प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालु, सप्ताहांत में 35 हजार तक पहुंच रहा आंकड़ा

वर्तमान में प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं, जबकि शुक्रवार, शनिवार और रविवार को यह संख्या बढ़कर 30 से 35 हजार तक पहुंच रही है। इससे कटड़ा और त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में भक्ति का महासागर उमड़ता दिखाई दे रहा है।

हालांकि शिक्षा संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया के कारण अभी यात्रा में थोड़ी कमी देखी जा रही है, लेकिन जानकारों के अनुसार 15 मई के बाद यात्रा में फिर तेज उछाल आने की संभावना है।

2025 के मुकाबले 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी

आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 के पहले चार महीनों में 28,69,400 श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी, जबकि 2026 की समान अवधि में यह संख्या बढ़कर 29,92,479 हो गई है।

यानी इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में 1,23,079 की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है। यह वृद्धि आने वाले समय में नए रिकॉर्ड की उम्मीद को और मजबूत कर रही है।

मासिक आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा जबरदस्त उत्साह

श्राइन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में?

जनवरी: 6,96,914 श्रद्धालु

फरवरी: 4,45,178 श्रद्धालु

मार्च: 9,36,046 श्रद्धालु

अप्रैल: 9,14,341 श्रद्धालु

वहीं वर्ष 2025 में

जनवरी: 5,69,164 श्रद्धालु

फरवरी: 3,78,865 श्रद्धालु

मार्च: 9,40,143 श्रद्धालु

अप्रैल: 9,81,228 श्रद्धालु

इन आंकड़ों से साफ है कि जनवरी और फरवरी में यात्रा में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जिससे कुल आंकड़ा लगातार ऊपर जा रहा है।

2 मई को भी यात्रा रही सुचारू, 2 बजे तक 18,300 श्रद्धालु रवाना

शनिवार 2 मई को मौसम सामान्य रहने के कारण यात्रा पूरी तरह सुचारू रही। दोपहर 2 बजे तक लगभग 18,300 श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहा और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व सुविधाओं की व्यवस्था मजबूत बनी रही।

स्थानीय व्यापार को भी मिल रहा बड़ा लाभ, कटड़ा बाजारों में रौनक

मां के दिव्य दर्शन के बाद श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के चरणों में शीश नवाकर अपनी यात्रा पूर्ण कर रहे हैं। इसके बाद श्रद्धालु कटड़ा के बाजारों में प्रसाद, स्मृति चिन्ह और धार्मिक सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं।

इससे स्थानीय व्यापार को नई गति मिली है और कटड़ा बाजारों में रौनक लगातार बढ़ रही है। होटल, टैक्सी, घोड़ा-पालकी सेवा, भोजनालय और दुकानों को भी यात्रा से बड़ा लाभ मिल रहा है।

2026 में नया कीर्तिमान तय, आस्था का सैलाब लिखेगा नया अध्याय

स्थानीय प्रशासन और श्राइन बोर्ड प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या यह स्पष्ट संकेत दे रही है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो वर्ष 2026 मां वैष्णो देवी यात्रा के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ सकता है।

त्रिकुटा की पहाड़ियों पर गूंजते जयकारे और उमड़ता श्रद्धालुओं का सैलाब यह बता रहा है कि मां वैष्णो देवी के दरबार की महिमा हर परिस्थिति में अडिग और अमर है।