जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत की ऐतिहासिक शुरुआत, पहले ही दिन यात्रियों का जबरदस्त उत्साह

जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की शानदार शुरुआत, पहले ही दिन 70% ऑक्यूपेंसी के साथ यात्रियों का जबरदस्त भरोसा

जम्मू मंडल के इतिहास में जुड़ा नया स्वर्णिम अध्याय

पहले दिन करीब 3900 से अधिक यात्रियों ने किया सफर, घाटी को मिला आधुनिक रेल युग का तोहफा

जम्मू, 02 मई 2026। जम्मू से श्रीनगर के बीच शुरू हुई देश की पहली जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ने अपने पहले ही व्यावसायिक परिचालन दिवस पर शानदार सफलता दर्ज की। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन ने लगभग 70 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के साथ अपना संचालन सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यात्रियों के बीच इस सेवा को लेकर उत्साह और भरोसा तेजी से बढ़ रहा है।

यह वंदे भारत ट्रेन न केवल जम्मू मंडल के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसे आधुनिक रेल यात्रा के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है, जो ?मेक इन इंडिया? संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती है।

पहले दिन हजारों यात्रियों ने उठाया लाभ

रेलवे के अनुसार, पहले दिन ट्रेन संख्या 26401 से जम्मू से श्रीनगर के बीच लगभग 940 यात्रियों ने यात्रा की। वहीं ट्रेन संख्या 26403 से जम्मू से श्रीनगर तक करीब 995 यात्रियों ने सफर किया। वापसी में श्रीनगर से जम्मू तक ट्रेन संख्या 26404/26402 के माध्यम से लगभग 1990 से अधिक यात्रियों ने यात्रा का आनंद लिया।

इस प्रकार पहले दिन कुल मिलाकर 3900 से अधिक यात्रियों ने वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर इसे शानदार शुरुआत दिलाई।

4 घंटे 45 मिनट में जम्मू से श्रीनगर

यह अत्याधुनिक ट्रेन जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी को केवल 4 घंटे 45 मिनट में तय करती है, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक आरामदायक व सुविधाजनक बनेगी।

सर्दियों के लिए विशेष तकनीक से लैस

यह वंदे भारत ट्रेन विंटराइजेशन तकनीक से सुसज्जित है, जिससे यह ट्रेन शून्य से नीचे तापमान और भारी बर्फबारी के दौरान भी निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी। ट्रेन में विशेष हीटिंग केबल्स और पानी के टैंकों में 1800W सिलिकॉन हीटिंग पैड लगाए गए हैं, जिससे पानी जमने की समस्या नहीं होगी।

पर्यटन और विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन

यह ट्रेन उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विश्व के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज से होकर गुजरती है। इससे कश्मीर घाटी के पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सेवा घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में एक मजबूत कड़ी साबित होगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव देगी।

यह जानकारी राघवेंद्र सिंह, जनसम्पर्क निरीक्षक, जम्मू मंडल द्वारा दी गई।