फिरोजपुर मंडल से कश्मीर के लिए 6 रेक चावल की आपूर्ति, रेलवे को मिला 1.39 करोड़ का राजस्व

फिरोजपुर। पंजाब देश का अग्रणी अनाज उत्पादक राज्य है, जिसे भारत का ?अन्न भंडार? भी कहा जाता है। यहां बड़े पैमाने पर गेहूं और धान का उत्पादन होता है, जो न केवल राज्य की जरूरतों को पूरा करता है बल्कि देश के अन्य राज्यों की खाद्यान्न आवश्यकताओं की पूर्ति में भी अहम योगदान देता है। इस खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला में भारतीय रेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि रेल के माध्यम से ही अनाज को मंडियों और गोदामों से देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित तरीके से पहुंचाया जाता है।

इसी क्रम में फिरोजपुर मंडल द्वारा अप्रैल 2026 के दौरान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लिए चावल की आपूर्ति कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार फिरोजपुर मंडल के फगवाड़ा, मोगा, जगराओं और बंगा रेलवे स्टेशनों से भारतीय खाद्य निगम द्वारा मालगाड़ियों के माध्यम से कुल 6 रेक चावल अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) भेजे गए। इस परिवहन से रेलवे को लगभग 1.39 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि कश्मीर घाटी भौगोलिक दृष्टि से पहाड़ी क्षेत्र है और वहां कृषि योग्य भूमि सीमित होने के कारण स्थानीय उत्पादन से पूरे वर्ष की खाद्यान्न आवश्यकता पूरी कर पाना कठिन होता है। ऐसे में फिरोजपुर मंडल से रेल मार्ग द्वारा की जा रही चावल की आपूर्ति कश्मीर के लोगों को नियमित और पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

रेलवे के जरिए बड़े पैमाने पर चावल का परिवहन अपेक्षाकृत सस्ता, सुरक्षित और समयबद्ध होता है। इससे परिवहन लागत कम होती है और आम लोगों को उचित दरों पर अनाज उपलब्ध हो पाता है। साथ ही, मालगाड़ियों के माध्यम से लगातार आपूर्ति होने से खाद्यान्न वितरण प्रणाली भी मजबूत बनी रहती है।

मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि फिरोजपुर मंडल देश के विभिन्न हिस्सों में खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी रेल के माध्यम से अनाज परिवहन को प्राथमिकता देते हुए सेवाएं जारी रखी जाएंगी।