उत्तर मध्य रेलवे के विद्युत विभाग ने FY 2025-26 में रचा नया कीर्तिमान

उत्तर मध्य रेलवे के विद्युत विभाग ने FY 2025-26 में रचा नया कीर्तिमान

बजट का 100% उपयोग, हरित ऊर्जा, 160 किमी/घंटा मिशन और सुरक्षा तकनीक में बड़ी उपलब्धि

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के विद्युत विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025?26 में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग ने इस वर्ष ₹269.19 करोड़ के आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए कोई भी फंड लैप्स नहीं होने दिया।

सबसे बड़ी आर्थिक उपलब्धि कानपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड में IGBT लोकोमोटिव से हार्मोनिक फिल्टर हटाने का नवाचार रहा, जिससे बिजली की बचत और रखरखाव में बड़ी राहत मिली। इस पहल से विभाग को BEE द्वारा नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड्स 2025 में ?सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट? भी प्राप्त हुआ।

हरित ऊर्जा की दिशा में विभाग ने 21.7 MWp सोलर क्षमता स्थापित की है, जिसमें वर्ष 2025?26 में 9 MWp नई क्षमता जोड़ी गई। साथ ही इस वर्ष 133.3 लाख यूनिट सोलर ऊर्जा उत्पादन किया गया। इसके अतिरिक्त 40 MW राउंड द क्लॉक (RTC) नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 25 वर्षों का समझौता किया गया है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आने का अनुमान है।

मिशन रफ्तार के तहत आगरा-कानपुर कॉरिडोर को 160 किमी/घंटा के लिए तैयार करने हेतु कई SSP चालू किए गए और टुंडला-मंडराक सेक्शन में वंदे भारत के साथ 160 किमी/घंटा स्पीड ट्रायल सफल रहा।

सुरक्षा के क्षेत्र में 161 इलेक्ट्रिक लोको में कवच सिस्टम लगाया गया है। वहीं झांसी में LOTTO सिस्टम, यार्ड में हाई-मास्ट CCTV निगरानी और एस्केलेटर-लिफ्ट पैनलों में फायर सप्रेशन सिस्टम भी लगाए गए।

यात्रियों की सुविधा बढ़ाने हेतु सूबेदारगंज, कानपुर अनवरगंज, मथुरा सहित प्रमुख स्टेशनों पर नए लिफ्ट व एस्केलेटर लगाए गए हैं।

विभाग ने लोको संचालन को डिजिटल बनाने के लिए डिजिटल सर्कुलर, स्वचालित ब्रेकिंग प्रोफाइल और बायोमेट्रिक कियोस्क जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी लागू की हैं।

आगामी वर्ष के लिए विभाग ने लोको विफलताओं में कमी, पायलटों के कार्य घंटे घटाने और 100% कवच फिटमेंट जैसे लक्ष्य तय किए हैं।