डॉ राजश्री वर्मा बनी प्रदेश अध्यक्ष महिला शाखा झारखंड

झारखंड। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235 की महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मीनाक्षी श्रीवास्तव दिल्ली ने *राष्ट्रीय अध्यक्ष*
*महेश कुमार श्रीवास्तव* निवासी हावड़ा कोलकाता एवं राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट जौनपुर , झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार सिन्हा अधिवक्ता हाईकोर्ट झारखंड से विचार विमर्श कर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला शाखा 7235 झारखंडमें प्रदेश अध्यक्ष महिला शाखा पद पर अध्यक्ष डॉ राजश्री वर्मा को मनोनीत किया है महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मीनाक्षी श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ राजश्री वर्मा झारखंड प्रदेश में संगठन मजबूत करने में योगदान देंगी। महिला शाखा 7235 प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजश्री वर्मा को बनने पर संरक्षक शशिकला श्रीवास्तव माताजी, श्रीमती प्रो पूजा श्रीवास्तव जी कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष , सुश्री साक्षी श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश , दीपमाला श्रीवास्तव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,
सुनीता श्रीवास्तव कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र,रश्मि अभय सिन्हा प्रदेश संगठन मंत्री महाराष्ट्र, श्रीमती पूनम श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष पंजाब, अंजुला श्रीवास्तव राजस्थान, अलका श्रीवास्तव महाराष्ट्र, स्मिता श्रीवास्तव, अल्पना श्रीवास्तव, डॉ प्रतिमा श्रीवास्तव जिलाध्यक्ष जौनपुर, करुणा श्रीवास्तव, अनीता श्रीवास्तव, प्रीति श्रीवास्तव, निशा श्रीवास्तव, सरला रानी श्रीवास्तव, सुमति श्रीवास्तव, श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव,प्रियंका श्रीवास्तव, नीतू श्रीवास्तव,संगीता श्रीवास्तव, विनीता श्रीवास्तव, जी ने शुभकामनाएं बधाई दिया।
उक्त आशय की जानकारी झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार सिन्हा अधिवक्ता हाईकोर्ट झारखंड एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व प्रकाश श्रीवास्तव दीपक वरिष्ठ पत्रकार पी टी आई जी ने दिया।
डॉ राजश्री वर्मा एक समाजसेवी के साथ साथ झारखंड में स्वास्थ्य, शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाती हुई डॉ. राजश्री वर्मा आज एक उभरती हुई बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में सामने आ रही हैं। एक ओर जहां वे चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा और साहित्य के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
डॉ. वर्मा Verma Gentle Cure की संस्थापक हैं, जो होम्योपैथिक चिकित्सा पर आधारित एक हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म है। यह संस्था केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके मूल कारणों को समझकर दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने पर केंद्रित है। उनका मानना है कि प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिल सकता है।
स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी डॉ. वर्मा ने Bharat Gurukul के माध्यम से एक नई पहल की है। यह एक डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती शिक्षा प्रदान करना है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह प्लेटफॉर्म आधुनिक तकनीक और संरचित अध्ययन पद्धति का संयोजन प्रस्तुत करता है।
साहित्यिक क्षेत्र में भी डॉ. वर्मा की पहचान उनकी पुस्तक Bandini से जुड़ी हुई है, जो सामाजिक और भावनात्मक पहलुओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। यह कृति उनके विचारों की गहराई और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है।
डॉ. राजश्री वर्मा, Vermaverse OPC Private Limited के अंतर्गत विभिन्न डिवीज़नों का नेतृत्व कर रही हैं, जहां उनका फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं के एकीकृत विकास पर है। उनका विज़न एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध हो सके।
अपने कार्यों के बारे में डॉ. वर्मा कहती हैं,
?मेरा उद्देश्य केवल सेवा देना नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है?ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।?
तेजी से बदलते भारत में, डॉ. राजश्री वर्मा का यह समग्र दृष्टिकोण उन्हें एक ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है, जो आने वाले समय में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।