अहमदाबाद मंडल में बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर जून 2026 तक होगा चालू, रेल संचालन को मिलेगा तकनीकी “नर्व सेंटर”

अहमदाबाद मंडल में बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर

जून 2026 तक होगा चालू, रेल संचालन को मिलेगा तकनीकी ?नर्व सेंटर?

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा रेल संचालन को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यह अत्याधुनिक नियंत्रण केंद्र जून 2026 तक कार्यरत हो जाएगा। लगभग 24,500 वर्ग फुट क्षेत्रफल में विस्तृत यह परिसर उत्तरी गुजरात क्षेत्र में रेल संचालन का एक केंद्रीय तंत्र (Nerve Centre) बनकर कार्य करेगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अहमदाबाद मंडल ने वर्ष 2003 में स्थापना के बाद लगातार तेज प्रगति दर्ज की है। मंडल का माल लदान 9.38 मिलियन टन से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 51 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो पांच गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है। बढ़ते यात्री और माल परिवहन को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए अब विभिन्न विभागों की नियंत्रण गतिविधियों को एक ही छत के नीचे केंद्रीकृत किया जा रहा है।

इस इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर को कई विभागों के समन्वित, त्वरित एवं प्रभावी संचालन हेतु विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें उन्नत डिजिटल निगरानी प्रणाली के अंतर्गत विशाल वीडियो डिस्प्ले यूनिट (VDU) वॉल लगाई जाएगी, जिससे 1350 रूट किलोमीटर क्षेत्र की रियल टाइम और हाई-रिजोल्यूशन मॉनिटरिंग संभव होगी। इससे किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

यहां फ्रेट एवं कोचिंग कंट्रोल, सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T), इंजीनियरिंग, ट्रैक्शन, तथा क्रू मैनेजमेंट जैसी गतिविधियों का एकीकृत संचालन किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरपीएफ नियंत्रण कक्ष, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और कैरिज एवं वैगन (C&W) गतिविधियां भी इसी परिसर में शामिल की जाएंगी।

यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए इस केंद्र में रेल मदद शिकायत निवारण प्रणाली और एनटीईएस (National Train Enquiry System) के साथ प्रत्यक्ष एकीकरण किया जाएगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन संचालन से जुड़ी सटीक और ताजा जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।

रेलवे के अनुसार इस इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर के शुरू होने से समयपालन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। प्रतिदिन संचालित 130 से अधिक कोचिंग ट्रेनों और 160 से अधिक मालगाड़ियों के संचालन में बेहतर योजना बनाकर अधिक सटीक समयपालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ ही लोको परिवर्तन, जल आपूर्ति, पार्सल प्रबंधन और क्रू तैनाती जैसी प्रक्रियाओं में भी तेजी और दक्षता बढ़ेगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक और समेकित कार्यप्रणाली का प्रतीक होगा। यह कंट्रोल सेंटर 24*7 संचालित रहेगा। कर्मचारियों की सुविधा के लिए इसे आधुनिक कार्यस्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कैंटीन, विश्राम कक्ष, मिनी बोर्ड रूम और समर्पित पार्किंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

रेलवे का मानना है कि इस अत्याधुनिक नियंत्रण केंद्र के संचालन से उत्तरी गुजरात क्षेत्र में रेल सेवाएं अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगी।