शहाबगंज में रात के अंधेरे में खनन माफिया सक्रिय! ‘कारखास तंत्र’ और फिक्स रेट के सहारे चल रहा अवैध खेल, पुलिस जांच के आदेश के बाद भी उठे सवाल

शहाबगंज में रात के अंधेरे में खनन माफिया सक्रिय! ?कारखास तंत्र? और फिक्स रेट के सहारे चल रहा अवैध खेल, पुलिस जांच के आदेश के बाद भी उठे सवाल

शहाबगंज, चंदौली। जनपद के शहाबगंज थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रात होते ही क्षेत्र में जेसीबी मशीनें सक्रिय हो जाती हैं और बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई कर ओवरलोड ट्रैक्टरों से ढुलाई शुरू हो जाती है। यह पूरा खेल देर रात से भोर तक चलता है, जबकि जिम्मेदार विभाग अब तक मौन बने हुए हैं।

रात में तेज होता खनन, दिन में सन्नाटा

ग्रामीणों का कहना है कि दिन के समय जहां गतिविधियां कम नजर आती हैं, वहीं रात होते ही खनन माफिया पूरी तरह सक्रिय हो जाते हैं। जेसीबी मशीनों से खुदाई कर ट्रैक्टरों में ओवरलोड मिट्टी भरी जाती है और तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ाया जाता है। कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट और बिना फिटनेस के ही चलते देखे जा रहे हैं।

ओवरलोड ट्रैक्टरों से बढ़ रहा हादसों का खतरा

तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की वजह से क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सड़क पर निकलना खतरे से खाली नहीं है। कई बार छोटे-छोटे हादसे होते-होते टल जाते हैं।

?कारखास तंत्र? पर वसूली के आरोप

सूत्रों का दावा है कि थाना स्तर पर एक तथाकथित ?कारखास तंत्र? सक्रिय है, जो अवैध गतिविधियों की जानकारी रखते हुए उनसे वसूली करता है। आरोप है कि यही तंत्र खनन माफियाओं से नियमित रूप से पैसा लेकर उन्हें संरक्षण देता है।

?फिक्स रेट? का दावा?मिलीभगत के गंभीर आरोप

नाम न छापने की शर्त पर एक कथित खनन माफिया ने दावा किया कि थाने से ?महीने का रेट फिक्स? है, जो कारखास तंत्र के माध्यम से पहुंचाया जाता है। उसने यह भी कहा कि दैनिक स्तर पर भी भुगतान किया जाता है, जिसके चलते किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं होती।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन ऐसे आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

थाना प्रभारी पर संरक्षण के आरोप

स्थानीय लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि थाना प्रभारी की ?मेहरबानी? से ही यह अवैध खनन चल रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की जानकारी के बिना इतने बड़े स्तर पर यह गतिविधि संभव नहीं है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अधिकारी मौन, कार्रवाई का इंतजार

खनन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

पुलिस ने दिए जांच के आदेश

मामले की जानकारी मिलने के बाद @chandaulipolice ने संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

पर्यावरण और जनजीवन पर असर

अवैध खनन के कारण जमीन का कटाव बढ़ रहा है और उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो रही है। वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों की स्थिति भी खराब हो रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग

लगातार बढ़ रही समस्याओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

शहाबगंज क्षेत्र में अवैध खनन का यह मामला कानून व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसुरक्षा?तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के आदेश के बाद क्या वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।