शहाबगंज में रात के अंधेरे में फल-फूल रहा अवैध खनन, ‘फिक्स रेट’ के सहारे दौड़ रही जेसीबी और ओवरलोड ट्रैक्टर — जांच के आदेश के बाद भी कार्रवाई पर सवाल

शहाबगंज में रात के अंधेरे में फल-फूल रहा अवैध खनन, ?फिक्स रेट? के सहारे दौड़ रही जेसीबी और ओवरलोड ट्रैक्टर ? जांच के आदेश के बाद भी कार्रवाई पर सवाल

शहाबगंज, चंदौली। जनपद के शहाबगंज थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का खेल रात के अंधेरे में बेखौफ तरीके से संचालित होने का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन ढलते ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं और जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई कर ओवरलोड ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी की ढुलाई शुरू कर देते हैं। इस पूरे मामले में थाना स्तर पर संरक्षण के आरोप भी लग रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

रात होते ही तेज हो जाता है खनन का खेल

ग्रामीणों के अनुसार, शहाबगंज क्षेत्र के कई गांवों में देर रात से लेकर भोर तक जेसीबी मशीनें लगातार चलती रहती हैं। मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टरों में ओवरलोड भराई की जाती है और बिना किसी रोक-टोक के सड़कों पर दौड़ाया जाता है। यह गतिविधि इतनी नियमित हो चुकी है कि स्थानीय लोगों ने इसे ?रात का कारोबार? कहना शुरू कर दिया है।

ओवरलोड ट्रैक्टरों से बढ़ रहा हादसों का खतरा

तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रैक्टरों की वजह से क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना फिटनेस और बिना सुरक्षा मानकों के सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए सड़कों पर निकलना जोखिम भरा हो गया है।

थाना प्रभारी पर संरक्षण के आरोप

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि इस पूरे अवैध खनन में थाना प्रभारी की ?मेहरबानी? से ही यह खेल चल रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की जानकारी के बिना इतने बड़े स्तर पर खनन संभव नहीं है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

?फिक्स रेट? का दावा?मिलीभगत पर उठे सवाल

नाम न छापने की शर्त पर एक कथित खनन माफिया ने दावा किया कि इस अवैध कारोबार के लिए ?महीने का रेट फिक्स? होता है, जिसके चलते पुलिस की ओर से कोई रोक-टोक नहीं होती। यह दावा यदि सही पाया जाता है, तो यह संगठित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला हो सकता है।
फिलहाल, इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अधिकारी मौन, कार्रवाई का इंतजार

खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

पुलिस मुख्यालय ने दिए जांच के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने पर @chandaulipolice ने संज्ञान लेते हुए शहाबगंज थाना प्रभारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर अभी तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।


शहाबगंज क्षेत्र में अवैध खनन का यह मामला केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। अब निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या वाकई इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकेगा या यह खेल यूं ही चलता रहेगा।