भगवान परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन, शोभायात्राओं से गूंजा क्षेत्र  

आलापुर (अम्बेडकर नगर) | भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर आलापुर क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया गया तथा क्षेत्र में भव्य रैली एवं शोभायात्राएं निकाली गईं।

इसी क्रम में ग्राम जल्लापुर में देवी प्रसाद पयासी के संयोजकत्व में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसका सफल संचालन डॉ. उदयराज मिश्र (प्रवक्ता) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य राकेश जी महाराज रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं भूमि विकास बैंक के डायरेक्टर यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, सपा नेता वीरेन्द्र तिवारी, आलापुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भीमदत्त चतुर्वेदी, सर्वजन आवाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गिरिजेश मिश्र तथा पत्रकार लालमणि गोंड उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों एवं धर्म रक्षा हेतु किए गए संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि आचार्य राकेश जी महाराज ने समाज में एकता स्थापित करने एवं व्यसनों से दूर रहने पर विशेष जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि यमुना प्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि भगवान परशुराम ने अत्याचारियों का विनाश कर न्याय का संदेश दिया। वहीं वीरेन्द्र तिवारी एवं गिरिजेश मिश्र ने ब्राह्मण समाज को सदैव समाज का मार्गदर्शक बताते हुए धर्म के संरक्षण में उसकी भूमिका को रेखांकित किया।

डॉ. उदयराज मिश्र ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर सनातन धर्म के संरक्षण का आह्वान किया, जबकि पत्रकार लालमणि गोंड ने गौरवशाली इतिहास को सहेजने एवं नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। एडवोकेट सतीश मिश्र ने सच्चाई, ईमानदारी एवं सामाजिक एकता बनाए रखने की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।

अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में ज्ञानेन्द्र, सुभाष चतुर्वेदी, डॉ. लालचंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य ममता मिश्र, बालगोविंद तिवारी, पवन कुमार मिश्र (एडवोकेट), इंद्रजीत सिंह, महेन्द्र तिवारी, ग्राम प्रधान उपेन्द्र कुमार चतुर्वेदी, मनोज यादव, बृजेश मौर्य सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकजुटता एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी प्रदान कर गया।