न्यू सराधना में गति शक्ति टर्मिनल से पहली एक्सपोर्ट कंटेनर रैक रवाना, मुंद्रा पोर्ट के लिए शुभारंभ

अजमेर। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (सीडब्ल्यूसी) के तत्वाधान में बुधवार को गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीसीटी), न्यू सराधना (अजमेर) से मुंद्रा पोर्ट के लिए पहली एक्सपोर्ट कंटेनर रैक का शुभारंभ किया गया। इस कंटेनर रैक को मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भूतड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में सफलतापूर्वक रवाना किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव, मंडल परिचालन प्रबंधक विपिन यादव, डीएफसीसी के सीजीएम विनीत त्यागी तथा सीडब्ल्यूसी के रीजनल मैनेजर प्रिंस कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह टर्मिनल किशनगढ़-ब्यावर औद्योगिक क्षेत्र के मार्बल, ग्रेनाइट एवं खनिज उद्योगों के लिए सीधा रेल संपर्क प्रदान करेगा। न्यू सराधना स्टेशन वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) से जुड़ा हुआ है, जिससे मुंद्रा पोर्ट तक माल ढुलाई तेज, सुरक्षित और किफायती होगी।

गति शक्ति टर्मिनल विकास के तहत न्यू सराधना (सीडब्ल्यूसी टर्मिनल) में लगभग 17,500 वर्ग मीटर का कंटेनर यार्ड एवं 943 मीटर लंबी लूप लाइन विकसित की गई है। माल के सटीक वजन के लिए यहां 140 मिलियन टन क्षमता का इलेक्ट्रॉनिक इन-मोशन वेब्रिज भी लगाया गया है।

बाढ़ और माइनिंग स्ट्राइक जैसी चुनौतियों के बावजूद इस टर्मिनल का विकास रिकॉर्ड 7 महीनों में पूरा किया गया। शुरुआती चरण में यहां से प्रति माह 2 से 3 रेक संचालन की उम्मीद है, जो मुख्य रूप से मुंद्रा, कांडला और गांधीधाम जैसे बंदरगाहों को जोड़ेंगे।

इस परियोजना से किशनगढ़, ब्यावर और राजसमंद के मार्बल एवं पत्थर बाजारों, ब्यावर क्षेत्र के सीमेंट उद्योगों तथा किशनगढ़-अजमेर क्षेत्र में उभर रही सौर विनिर्माण इकाइयों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

टर्मिनल पर आने वाले माल में सीमेंट क्लिंकर, कोयला, फ्लाई ऐश और उर्वरक शामिल होने की संभावना है, जबकि यहां से बाहर भेजे जाने वाले माल में मुख्य रूप से मार्बल व ग्रेनाइट स्लैब, सीमेंट उत्पाद और कृषि उत्पाद शामिल होंगे।

रेलवे एवं सीडब्ल्यूसी अधिकारियों ने इसे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास और निर्यात बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।