उत्तर-पश्चिम रेलवे पर आरपीएफ का सख्त एक्शन, मार्च 2026 में नशा-शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 52 लाख का सामान लौटाया

जयपुर। उत्तर-पश्चिम रेलवे पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ?सेवा ही संकल्प? के तहत माह मार्च 2026 में कानून व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए। आरपीएफ ने न केवल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, बल्कि यात्रियों की मदद कर मानवता की मिसाल भी पेश की।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, महाप्रबंधक अमिताभ के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा के नेतृत्व में आरपीएफ ने मार्च 2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक आरपीएफ द्वारा कुल 927 उत्कृष्ट कार्य संपादित किए जा चुके हैं।

आरपीएफ ने ?ऑपरेशन नारकोस? के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मार्च माह में कुल 5 मामलों का खुलासा किया। इस दौरान टीम ने 22.56 किलोग्राम डोडा चूरा, 1.496 किलोग्राम अफीम और 0.994 किलोग्राम चरस बरामद की, जिसकी कुल कीमत लगभग 22 लाख 39 हजार 460 रुपये आंकी गई। इस कार्रवाई में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जीआरपी अथवा सिविल पुलिस को सौंप दिया गया।

इसी तरह ?ऑपरेशन सतर्क? के तहत आरपीएफ ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में गहन चेकिंग अभियान चलाकर अवैध शराब तस्करी के 21 मामले पकड़े। इसमें करीब 5 लाख 83 हजार 501 रुपये मूल्य की अवैध शराब जब्त की गई तथा 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित जीआरपी, आबकारी विभाग एवं कस्टम विभाग को सौंपा गया। इसके अतिरिक्त एक मामले में 20.500 किलोग्राम चांदी (कीमत लगभग 41 लाख रुपये) के साथ एक व्यक्ति को पकड़कर जयपुर कस्टम विभाग को सुपुर्द किया गया।

आरपीएफ ने ?ऑपरेशन जीवन रक्षा? के तहत त्वरित कार्रवाई कर 4 यात्रियों की जान बचाकर सराहनीय योगदान दिया। इनमें 3 पुरुष और 1 महिला यात्री शामिल थे, जो चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के दौरान फिसल गए थे और प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच घिसटने लगे थे। आरपीएफ जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।

मानवीय दृष्टिकोण के तहत आरपीएफ ने ?नन्हे फरिश्ते अभियान? में बड़ी भूमिका निभाई। मार्च माह में उत्तर-पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में 36 नाबालिग बच्चे, जो परिवार से बिछड़ गए थे या घर से बिना बताए निकल आए थे, उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से उनके परिजनों को सौंपा गया। आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की कि स्टेशन या ट्रेन में किसी बच्चे से संबंधित संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत रेलवे सुरक्षा को सूचित करें।

आरपीएफ ने ?ऑपरेशन यात्री सुरक्षा? के तहत चोरी और जेबतराशी करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया। मार्च 2026 में अलग-अलग ट्रेनों और स्टेशनों पर 24 मामलों में कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जीआरपी को सौंपा गया। इस कार्रवाई से अपराधियों में भय और यात्रियों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।

अवैध टिकट दलालों के खिलाफ भी आरपीएफ ने सख्त कदम उठाते हुए मार्च माह में 8 मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 39 लाइव ई-रेल टिकट (कीमत 2,21,012 रुपये) और 292 यात्रा टिकट (कीमत 4,47,671 रुपये) जब्त किए गए। आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

आरपीएफ ने ?ऑपरेशन डिग्निटी? के तहत मानवता का परिचय देते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ, विक्षिप्त और बीमार कुल 23 व्यक्तियों (13 पुरुष एवं 10 महिलाएं) को सहायता प्रदान कर ?अपना घर आश्रम? तक पहुंचाया।

यात्रियों की सहायता में आरपीएफ ने एक और बड़ा कार्य करते हुए ट्रेनों और स्टेशनों पर भूलवश छूटे हुए सामान को सुरक्षित लौटाकर भरोसा कायम किया। मार्च 2026 में आरपीएफ ने कुल 190 यात्रियों के लगभग 52 लाख 15 हजार रुपये मूल्य के छूटे हुए सामान को सुरक्षित बरामद कर संबंधित यात्रियों को सुपुर्द किया।

आरपीएफ की इन कार्रवाइयों से जहां अपराधियों में डर बना है, वहीं यात्रियों को सुरक्षा और भरोसे का माहौल मिला है। रेलवे सुरक्षा बल ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार अभियान चलाकर रेलवे परिसरों और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।