Chandauli News:जिले में पुलिस महकमे पर फिर उठे सवाल, पशु तस्करी कांड से मचा हड़कंप वांछित सिपाही की गिरफ्तारी के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर गहराया संकट

नवागत एसपी आकाश पटेल का पहला बड़ा एक्शन, सख्त रुख से मची हलचल
लंबे समय से फरार चल रहा सिपाही गिरफ्तार, आंतरिक निगरानी पर उठे सवाल

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चंदौली।जनपद में पुलिस विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पशु तस्करी के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे सिपाही सत्येंद्र यादव (26) की गिरफ्तारी के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी सिपाही सत्येंद्र यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर पशु तस्करी में संलिप्त होने का आरोप है और वह काफी समय से फरार चल रहा था। चंदौली सदर कोतवाली और इलिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे अंबेडकर नगर जनपद के पंडरी बाजार थाना सममनपुर क्षेत्र से दबोच लिया।बताया जा रहा है कि सत्येंद्र यादव और उसका भाई धर्मेंद्र यादव दोनों ही उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं।इससे पहले धर्मेंद्र यादव भी सैयदराजा थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में जेल जा चुका है। ऐसे में एक ही परिवार के दो पुलिसकर्मियों का आपराधिक मामलों में नाम आना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सिपाही की पोस्टिंग चकरघट्टा थाना क्षेत्र में की गई थी, लेकिन वह लंबे समय से गैरहाजिर चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) भी ले रखी थी, बावजूद इसके पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

इस मामले में नवागत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे विभाग के प्रति अपनी पहली बड़ी कार्रवाई के रूप में लिया है। एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई गई। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।एसपी आकाश पटेल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यशैली और आंतरिक निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है।
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।