बुजुर्ग महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही, 20 दिन बाद भी उरगा पुलिस पर FIR दर्ज नही करने का आरोप

CITIUPDATE NEWS(संतोष सारथी)छत्तीसगढ़/कोरबा एक तरफ जहां पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ कोरबा जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। एक 75 वर्षीय लाचार वृद्धा, जो ठीक से चल भी नहीं सकती, पिछले 20 दिनों से चोरी की अपनी शिकायत दर्ज कराने और न्याय पाने के लिए थाने और वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर काट रही है।

​पीड़िता, अनंत कुंवर यादव, पत्नी स्वर्गीय तीजाराम यादव, जो ग्राम- पटाढ़ी, थाना- उरगा, जिला- कोरबा की निवासी हैं, ने बताया कि 20 मार्च 2026 की सुबह लगभग 10:00 बजे उनके घर से ₹1,10,000/- एक लाख दस हजार नकद और लगभग 1 किलोग्राम चांदी के जेवरात चोरी हो गए। पीड़िता के अनुसार, नकद राशि उन्हें लेंको पावर प्लांट से मिली जमीन के मुआवजे के रूप में प्राप्त हुई थी।लेकिन इस मामले में ​उरगा पुलिस पर कथित उदासीनता का आरोप​ वृद्ध ने लगाया है वृद्ध महिला के अनुसार इस घटना की लिखित रिपोर्ट उन्होंने 24 मार्च 2026 को थाना उरगा में दे दी थी। शिकायत मिलने के बाद एएसआई ईश्वर एक्का द्वारा उनके घर का निरीक्षण भी किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान, पीड़िता के पड़ोसी राजू यादव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पीड़िता के ही नाती अमन यादव और उसके साथी मुकेश यादव को वृद्धा के घर से चावल की बोरी उठाकर ले जाते हुए देखा था। ​पीड़िता का कहना है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके नाती और उसके साथी ने ही इस चोरी को अंजाम दिया है। इसके बावजूद, उरगा पुलिस ने अब तक शिकायत पर न तो एफआईआर दर्ज की है और न ही नामजद संदिग्धों से कोई कड़ी पूछताछ की है। पीड़िता का आरोप है कि उन्हें पुलिस द्वारा शिकायत की पावती तक नहीं दी गई। कार्रवाई के अभाव में अंततः वृद्धा ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी कोरबा से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने निवेदन किया है कि उनकी शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना उरगा को आदेश दिए जाएं और संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की जाए ताकि उनका सामान और पैसा बरामद हो सके।​एक 75 वर्षीय लाचार महिला के साथ हुई इस कथित नाइंसाफी पर पुलिस प्रशासन की सुस्ती गंभीर चिंता का विषय है। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आम जनता पुलिस से उम्मीद करती है कि वह बिना किसी भेदभाव के त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करेगी। लेकिन इस मामले में वृद्ध के आरोप ने कर्तव्यनिष्ठ के दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया हैं, उम्मीद है कि इस मामले में SP से गुहार के बाद गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए अपनी जिम्मेदारी को निभाएंगे ।