जम्मू-कश्मीर में रेल नेटवर्क विस्तार को बड़ा बढ़ावा, रियासी-पुंछ नई रेलवे लाइन के लिए एफएलएस को मंजूरी

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रेल मंत्रालय ने रियासी से पुंछ तक प्रस्तावित 190 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, सुरक्षा और बेहतर परिवहन व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड द्वारा 8 अप्रैल को जारी पत्र में उत्तरी रेलवे को इस नई रेलवे लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य सौंपा गया है। सर्वेक्षण कार्य के लिए 26.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है, जिसे रेलवे के नीति निर्माण, अनुसंधान और अन्य विविध मदों से वहन किया जाएगा।

रेल मंत्रालय के इस फैसले को पीर पंजाल क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वर्तमान में पुंछ और राजौरी जैसे सीमावर्ती जिले मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर हैं, जिससे खराब मौसम, भूस्खलन या आपात स्थितियों में आवागमन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में रेलवे लाइन बनने से इन क्षेत्रों को बेहतर और स्थायी परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार फाइनल लोकेशन सर्वे के तहत प्रस्तावित रेलवे लाइन के संभावित रूट, भू-आकृतिक स्थिति, तकनीकी व्यवहार्यता, पर्यावरणीय प्रभाव तथा निर्माण से जुड़ी चुनौतियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यह परियोजना नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक स्थित संवेदनशील और दूरदराज इलाकों के लिए भी अहम मानी जा रही है। रेलवे लाइन से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों और सेना की आवाजाही भी अधिक तेज और सुगम हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि रियासी-पुंछ रेल लिंक बनने से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पुंछ और राजौरी प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। रेल संपर्क स्थापित होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही व्यापार और वाणिज्य को भी मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से चली आ रही मांग की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि इस परियोजना से सीमावर्ती जिलों के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

हालांकि, इस परियोजना के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। पीर पंजाल क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, पहाड़ी इलाके, भूस्खलन की आशंका और पर्यावरणीय संतुलन जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से योजना तैयार की जाएगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में यह रेलवे लाइन जम्मू-कश्मीर के परिवहन ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली साबित होगी।

कुल मिलाकर रियासी-पुंछ रेलवे लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की मंजूरी को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है, जिससे कनेक्टिविटी, विकास और सुरक्षा को एक नई दिशा मिलेगी।