डीआरएम का जोधपुर-मेड़ता रोड रेलखंड पर रात्रिकालीन निरीक्षण, संरक्षा व सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

डीआरएम का जोधपुर-मेड़ता रोड रेलखंड पर रात्रिकालीन निरीक्षण, संरक्षा व सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

ट्रैक, सिग्नलिंग और फेंसिंग की बारीकी से जांच, सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने गुरुवार को जोधपुर-मेड़ता रोड रेलखंड का रात्रिकालीन विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। डीआरएम ने ट्रेन संख्या 22996 जोधपुर-दिल्ली मंडोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के माध्यम से यात्रा करते हुए रेलखंड की संरक्षा, सुरक्षा एवं परिचालन व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने ट्रैक संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रैक ज्योमेट्री, राइड क्वालिटी और संभावित सुधार योग्य स्थानों का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी ट्रैक में सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्यवाही कर जल्द से जल्द सुधार कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि रेल संचालन पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।

इसके साथ ही डीआरएम त्रिपाठी ने रेलखंड पर फेंसिंग की स्थिति का भी गंभीरता से निरीक्षण किया। जिन स्थानों पर फेंसिंग क्षतिग्रस्त या अनुपस्थित पाई गई, वहां तत्काल मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराने के निर्देश दिए गए। डीआरएम ने कहा कि रेल लाइन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

ट्रेन परिचालन की समीक्षा करते हुए डीआरएम ने समयपालन, संरक्षा मानकों की सख्ती से पालना तथा रात्रिकालीन संचालन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सिग्नलिंग प्रणाली की भी बारीकी से जांच की और सिग्नलों की दृश्यता, कार्यक्षमता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित तरीके से किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान रेलखंड में झाड़ियों की कटाई, स्वच्छता व्यवस्था, ट्रॉली रिफ्यूज, ब्रिज एप्रोच तथा ट्रैक के आसपास के वातावरण का भी मूल्यांकन किया गया। डीआरएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।

निरीक्षण के अंत में मंडल रेल प्रबंधक ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, रेलवे की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाए रखने तथा उच्चतम सुरक्षा व संरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।