निजी स्कूलों की मनमानी व क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाओं को लेकर भाकियू चढूनी का आंदोलन का अल्टीमेटम

पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने जनपद में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वसूली और गेहूं क्रय केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिलाअध्यक्ष रणजीत सिंह काहलों ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जिलाधिकारी पीलीभीत को ज्ञापन दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 25 अप्रैल 2026 से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
भाकियू चढूनी के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में भी निजी स्कूलों द्वारा कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों से किताब, कॉपी, एडमिशन फीस, बिल्डिंग फीस, स्कूल ड्रेस और ट्यूशन फीस के नाम पर मनमाने तरीके से वसूली किए जाने की शिकायत करते हुए ज्ञापन सौंपा गया था। हालांकि, विद्यालय निरीक्षक कार्यालय और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। संगठन का आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय भी इस मामले में उदासीन बना हुआ है और दिए गए ज्ञापनों का कोई जवाब नहीं दिया गया।
इसके साथ ही संगठन ने जनपद के क्रय केंद्रों पर हो रही समस्याओं को भी उठाया है। किसानों का कहना है कि कई केंद्रों पर अब तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है। बारदाने की कमी और बिजली की समस्या का हवाला देकर तोल कार्य रोका जा रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भाकियू चढूनी ने प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2025 में दिए गए ज्ञापन पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए और सत्र 2026-27 के लिए उठाए गए कदमों को स्पष्ट किया जाए। संगठन ने साफ किया है कि यदि 24 अप्रैल 2026 तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 25 अप्रैल से आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान रणजीत सिंह काहलो, जोगा सिंह, बलराम सिंह, जगविंदर सिंह, सोहन सिंह, सुखदेव सिंह, कांता प्रसाद, जुनैद खान, सुरेश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।