माता वैष्णो देवी दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, तीन महीनों में 20 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

कटड़ा। त्रिकुटा पर्वत पर स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार उमड़ रही है। वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में मां वैष्णो देवी के दरबार में दर्शन करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुल 20,78,138 श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में माथा टेका, जो पिछले वर्ष 2025 की समान अवधि के 18,88,172 श्रद्धालुओं की तुलना में 1,89,966 अधिक है। इस बढ़ती संख्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि माता के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार मजबूत होती जा रही है।

आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में 6,96,914, फरवरी में 4,45,178 और मार्च में सबसे अधिक 9,36,046 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मार्च महीने में यात्रियों की संख्या में आई तेजी से यह स्पष्ट हो गया कि इस वर्ष यात्रा में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा कटड़ा स्थित आधार शिविर से प्रारंभ होती है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु माता के भवन की ओर रवाना हो रहे हैं।

वर्तमान समय में प्रतिदिन औसतन 25 हजार से 35 हजार श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं, जबकि शुक्रवार से रविवार के बीच यह संख्या बढ़कर 35 हजार से 40 हजार तक पहुंच जाती है। चैत्र नवरात्र के दौरान तो प्रतिदिन 40 हजार से 45 हजार श्रद्धालुओं ने यात्रा की, और नवरात्र के बाद भी यात्रा की रफ्तार लगातार बनी हुई है। इससे साफ है कि आने वाले महीनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बावजूद यात्रा व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों के आपसी समन्वय से सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, भोजन, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण और आवास व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा गया है। श्रद्धालुओं को पूरे मार्ग पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सहज बनी रहे।

बुधवार एक अप्रैल को भी मौसम अनुकूल रहने के कारण यात्रा निर्बाध जारी रही। शाम चार बजे तक करीब 21 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कर माता भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। यात्रा मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा और त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र ?जय माता दी? के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालु परिवार सहित इस आध्यात्मिक यात्रा का आनंद ले रहे हैं।

माता के दर्शन के बाद श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दर्शन कर अपनी यात्रा पूर्ण कर रहे हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कटड़ा बाजार में प्रसाद, स्मृति चिन्ह और अन्य धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी भी कर रहे हैं। इससे कटड़ा के बाजारों में रौनक लौट आई है और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। होटल, टैक्सी, घोड़ा-खच्चर, दुकानें और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के चेहरे पर भी उत्साह नजर आ रहा है।

प्रशासन ने बताया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या यह संकेत दे रही है कि यदि आने वाले महीनों में भी यही रफ्तार बनी रही, तो वर्ष 2026 माता वैष्णो देवी यात्रा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना सकता है।