दो बार एवरेस्ट फतह करने वाली संतोष यादव ने जोधपुर में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, रेलकर्मचारियों को किया प्रेरित

जोधपुर। विश्व की पहली महिला, जिन्होंने दो बार माउंट एवरेस्ट फतह किया और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत पर्वतारोही संतोष यादव ने बुधवार को जोधपुर में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियां अवश्य आती हैं, लेकिन धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प के बल पर हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

संतोष यादव ने पर्वतारोहण के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण केवल एक खेल नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और प्रकृति के प्रति सम्मान का पाठ भी सिखाता है। उनके अनुभवों को सुनकर उपस्थित रेलकर्मचारियों ने भी प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने संतोष यादव का स्वागत करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, साहस और उपलब्धियों का अद्भुत उदाहरण है, जो हर व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संतोष यादव जैसी महान हस्तियों का मार्गदर्शन कर्मचारियों को सकारात्मक ऊर्जा देता है और कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

अपने संबोधन में संतोष यादव ने बताया कि वर्ष 1990 में एक अंतरराष्ट्रीय अभियान में वह एकमात्र महिला सदस्य थीं, जहां उन्होंने 25,170 फीट ऊंची चोटी पर सफल चढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1992 और 1993 में दो बार माउंट एवरेस्ट फतह कर विश्व इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट जैसी कठिन चोटी पर चढ़ाई के दौरान कई बार जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति और टीमवर्क से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे राज्य में जल संकट एक गंभीर समस्या है, इसलिए जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि पानी का सदुपयोग करें और इसके संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने केमिकल मुक्त भूमि, सादा जीवन और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं पर अत्यधिक निर्भरता से बचना चाहिए और प्राकृतिक जीवन शैली को प्राथमिकता देनी चाहिए।

संतोष यादव ने प्लास्टिक मुक्त भारत के निर्माण में सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना चाहिए और प्राकृतिक तरीकों से जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने यादव के गौरवशाली पर्वतारोहण अभियानों के अनुभवों और उनके सामने आई चुनौतियों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिषेक गांधी, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक विक्रम सिंह सैनी सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।