Chandauli News:सख्त तेवर, सिंघम छवि के साथ संवेदनशील सोच वाले कप्तान की एंट्री,घुड़सवारी, कविता-कहानियों और फिल्मों के शौकीन एसपी पर टिकीं जनपद की उम्मीदें

अपराध, तस्करी और चर्चित हत्याकांड पर कार्रवाई सबसे बड़ी चुनौती,जनता बोली- अब सिर्फ आश्वासन नहीं, धरातल पर एक्शन चाहिए

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चंदौली।जनपद में नए पुलिस कप्तान के रूप में 2019 बैच के आईपीएस आकाश पटेल की तैनाती के साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदों का माहौल बन गया है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सख्त और दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहती है। आम लोगों के बीच चर्चा है कि इस बार एक ऐसे कप्तान आए हैं जिनकी छवि ?सिंघम? जैसी सख्त और प्रभावी मानी जाती है।

आकाश पटेल की कार्यशैली जितनी कड़क मानी जाती है, उतनी ही उनकी व्यक्तित्व की एक अलग संवेदनशील और रचनात्मक पहचान भी है। वे घुड़सवारी के शौकीन हैं और साहित्य के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। कविता और कहानियां लिखना-पढ़ना उन्हें पसंद है, वहीं फिल्मों में भी उनकी खास दिलचस्पी बताई जाती है। इस वजह से उन्हें एक संतुलित सोच वाले अधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, जो सख्ती के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी रखते हैं।जनता का मानना है कि किसी भी नए पुलिस अधीक्षक के लिए शुरुआती 90 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन दिनों में प्रभावी कार्रवाई और सख्त नियंत्रण दिखता है तो पूरी व्यवस्था पटरी पर आ सकती है, अन्यथा ढील का असर लंबे समय तक देखने को मिलता है। ऐसे में आकाश पटेल के लिए यह शुरुआती दौर किसी ?गेम चेंजर? से कम नहीं होगा।चंदौली में इस समय सबसे बड़ी चुनौती पशु तस्करी, शराब तस्करी और लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना है।सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गिरोह लंबे समय से कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। इन पर प्रभावी कार्रवाई कर लगाम लगाना नए कप्तान की प्राथमिकता में शामिल रहेगा।इसके साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) के दवा व्यवसायी रोहिताष पाल हत्याकांड का खुलासा भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।इस सनसनीखेज मामले में अब तक शूटरों तक पुलिस की पहुंच नहीं हो पाई है।जनता को उम्मीद है कि नए एसपी इस मामले में ठोस कार्रवाई कर सच्चाई सामने लाएंगे और दोषियों को कानून के दायरे में लाएंगे।

आकाश पटेल मूल रूप से फतेहपुर के निवासी हैं और उन्होंने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत झुकाव के कारण वे साहित्यिक सोच और प्रशासनिक सख्ती का एक अनोखा संयोजन माने जाते हैं।इससे पहले वे वाराणसी में तैनात रह चुके हैं और कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डीसीपी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें डीजीपी प्रशंसा चिह्न (सिल्वर) से सम्मानित किया जा चुका है। वाराणसी में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए, जिनमें अवैध गतिविधियों पर रोक, सेक्स रैकेट का खुलासा और महिला संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई शामिल रही है।हालांकि उनके करियर में कुछ विवाद भी जुड़े रहे हैं। कानपुर में तैनाती के दौरान एक कांस्टेबल द्वारा उनके खिलाफ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया था।इसके बावजूद उनकी छवि एक अनुशासनप्रिय और सख्त अधिकारी की बनी हुई है।अब चंदौली में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। यहां न सिर्फ अपराध नियंत्रण बल्कि पुलिस की छवि सुधारना भी एक अहम चुनौती होगी।जनता और पुलिस के बीच विश्वास कायम करना, फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई उनके कार्यकाल की प्राथमिकता में शामिल रहेगा।जनपद के लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि नए कप्तान अपनी सख्त कार्यशैली के साथ-साथ अपने संवेदनशील और रचनात्मक व्यक्तित्व का भी उपयोग करेंगे, जिससे पुलिसिंग में मानवीय दृष्टिकोण और मजबूती दोनों का संतुलन देखने को मिलेगा।कुल मिलाकर चंदौली में आकाश पटेल की तैनाती को एक नए बदलाव और सख्त प्रशासनिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें उनके पहले 90 दिनों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि जनपद में कानून-व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ेगी।