बिना रजिस्ट्रेशन धंधा, झोलाछाप कर रहे ऑपरेशन- जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी ने खड़े किए बड़े सवाल

?मौत के सौदागर? बने फर्जी हॉस्पिटल! टड़ियावां में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत का खेल बेनकाब

बिना रजिस्ट्रेशन धंधा, झोलाछाप कर रहे ऑपरेशन- जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी ने खड़े किए बड़े सवाल

#हरदोई:
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जनपद के थाना क्षेत्र टड़ियावां में खुलेआम ?मौत का कारोबार? चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग आंख बंद कर तमाशा देख रहा है। बिना रजिस्ट्रेशन, बिना मानक और बिना प्रशिक्षित स्टाफ के चल रहे निजी हॉस्पिटल अब सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

इंडेन गैस एजेंसी के सामने बेसमेंट में चल रहे एक तथाकथित हॉस्पिटल ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। बाहर लगे बोर्ड पर एमबीबीएस डॉक्टरों के नाम चमक रहे हैं, लेकिन अंदर हकीकत में झोलाछाप मरीजों पर प्रयोग कर रहे हैं। सवाल ये है कि आखिर किसकी शह पर ये ?फर्जी इलाजघर? चल रहा है?

सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले शुरू हुआ यह हॉस्पिटल आशा बहुओं और सीएचसी के एक कर्मचारी की मिलीभगत से फल-फूल रहा है। यानी जिन पर जनता के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है, वही इस अवैध धंधे के संरक्षक बन बैठे हैं।

यही पर अभी नहीं थमा मामला ऐसे ही सीतापुर रोड पर ?जीवन रक्षा हॉस्पिटल? के नाम पर दुकानों में चल रहे एक और फर्जी सेंटर में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी और डीएनसी जैसे संवेदनशील काम बिना किसी वैध अनुमति के किए जा रहे हैं। यहां इलाज नहीं, सीधे मरीजों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल_

जब बोर्ड पर रजिस्ट्रेशन नंबर तक नहीं है, तो ये हॉस्पिटल किस कानून के तहत चल रहे हैं? क्या विभागीय अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं या फिर सब कुछ उनकी जानकारी में हो रहा है?

नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश बाजपेई का ?अनभिज्ञता? वाला बयान इस पूरे मामले को और संदिग्ध बनाता है। वहीं सीएमओ भावनाथ पांडे जांच की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।

👉 जनता पूछ रही है:
क्या हर बड़ी घटना के बाद ही जागेगा स्वास्थ्य विभाग?
क्या किसी की जान जाने के बाद ही होगी कार्रवाई?

⚠️ चेतावनी:
अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ये मुद्दा अब सिर्फ टड़ियावां तक सीमित नहीं रहेगा,जिम्मेदार कुर्सियों तक इसकी आंच पहुंचेगी।

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