मकरंदापूर में 'नवारम्भ उत्सव' से शिक्षा सुधार प्रारंभिक शिक्षा में अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर

कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक स्थित मकरंदापूर गांव में 25 मार्च को 'नवारम्भ उत्सव' का आयोजन किया गया। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा की नींव मजबूत करना है। इसके तहत विद्यालयों में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। इस अभियान की प्राथमिकताओं पर चर्चा के लिए मोहम्मदपुर स्थित इंटर कॉलेज में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की एक बैठक आयोजित हुई। खंड शिक्षा अधिकारी आनंद भूषण के मार्गदर्शन में हुई इस बैठक में बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों को विद्यालयों में आमंत्रित किया जाएगा। इसका लक्ष्य बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और शिक्षा प्रणाली के प्रति उनका विश्वास बढ़ाना है। एआरपी कुलदीप सैनी ने अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए घर-घर आमंत्रण पत्र पहुंचाने का सुझाव दिया। उन्होंने बच्चों की प्रगति को डिजिटल माध्यम से साझा करने की भी सलाह दी। वहीं, एआरपी अश्वनी कटियार ने भाषा कौशल में सुधार के लिए स्पेलिंग प्रतियोगिताओं को प्रभावी बताया, जिनमें लेखन की शुद्धता और गति पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।बैठक के दौरान आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, ईडको क्लब और मिशन लाइफ जैसी गतिविधियों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। छोटे बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने हेतु ब्लॉक्स, पजल और अन्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।इस अवसर पर संविलियन विद्यालय मकरंदापूर के प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार, शिक्षक शैलेश द्विवेदी, मीनाक्षी वर्मा, संतोषी देवी, जितेंद्र कुमार, नीतू सिंह, ज्योति सचान, आंगनवाड़ी राममूर्ति, सहायिका राजकुमारी, रसोइया पूनम देवी, शशिबाला तथा अभिभावक सरोज कुमारी, नेहा, चंद्रमुखी, जगरूप और देवकी देवी सहित कई लोग उपस्थित रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी में 3-5 साल के बच्चों का अधिकतम नामांकन और 6 वर्ष के बच्चों का कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में प्रसाद वितरण भी किया गया।