अजमेर मंडल में बड़ी पहल: अजमेर-उदयपुर और अजमेर-पालनपुर रेल खंड होंगे अत्याधुनिक 2×25 केवी ओएचई सिस्टम से लैस

अजमेर। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की दिशा में अजमेर मंडल ने एक अहम कदम उठाया है। अब अजमेर-उदयपुर और अजमेर-पालनपुर रेल खंडों पर पारंपरिक ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) प्रणाली को अत्याधुनिक 225 केवी ओएचई प्रणाली में परिवर्तित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य स्वीकृत हो चुका है और जमीन स्तर पर काम भी शुरू कर दिया गया है।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा के अनुसार, इस परियोजना के तहत फाउंडेशन का कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ हो चुका है। यह रूपांतरण भविष्य में रेलवे के संचालन को अधिक तेज, सक्षम और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नई 225 केवी ओएचई प्रणाली रेलवे नेटवर्क के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। यह तकनीक 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से ट्रेनों के संचालन में सक्षम है और भारी मालगाड़ियों के लिए भी अधिक दक्षता के साथ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करती है। पारंपरिक सिस्टम की तुलना में इसमें करंट आधा हो जाता है, जिससे जूल हानि (ऊर्जा क्षति) में उल्लेखनीय कमी आती है और ऊर्जा की बचत होती है।

इस प्रणाली का एक बड़ा फायदा यह भी है कि कम इम्पीडेंस के कारण ट्रैक्शन सबस्टेशनों के बीच दूरी बढ़ाई जा सकती है, जिससे कम सबस्टेशन की आवश्यकता होगी और इंफ्रास्ट्रक्चर लागत में कमी आएगी। इसके अलावा, यह प्रणाली उच्च पावर फैक्टर (लगभग 90%) बनाए रखते हुए लोकोमोटिव को स्थिर और बेहतर वोल्टेज सप्लाई देती है।

तकनीकी रूप से उन्नत यह प्रणाली संचार लाइनों पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस को भी कम करती है और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के लिए बेहतर रिडंडेंसी प्रदान करती है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाएगी, बल्कि ?नए भारत की नई रेल? के विजन को भी मजबूती देगी।