गर्मी में पटरी सुरक्षा को लेकर रेलवे अलर्ट, जोधपुर मंडल में संरक्षा शिविर आयोजित

जोधपुर। भीषण गर्मी के मद्देनज़र रेल पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने विशेष सतर्कता बरतते हुए भगत की कोठी स्थित रेलपथ कार्यालय में संरक्षा शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में ट्रैक से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को गर्मी के दौरान रेल पटरियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

शिविर को संबोधित करते हुए सहायक मंडल अभियंता (लाइन) शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने से रेल पटरियों में फैलाव होता है, जिससे बकलिंग (पटरी का टेढ़ा होना) का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में ट्रैक का नियमित निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर स्विच एक्सपेंशन जॉइंट (SEJ) जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए।

सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) प्रफुल्ल तिवारी ने जानकारी दी कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में कर्मचारियों को ट्रैक रखरखाव के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि ट्रैक पर बैलास्ट और सीईएसएस को व्यवस्थित बनाए रखना, फिटिंग्स की नियमित जांच करना और अत्यधिक तापमान की स्थिति में पटरियों पर पानी का छिड़काव करना जरूरी है, ताकि ट्रैक सुरक्षित बना रहे।

उन्होंने आगे बताया कि यदि कहीं बकलिंग की स्थिति उत्पन्न होती है, तो तुरंत ट्रैक को सुरक्षित करते हुए निर्धारित दूरी पर पटाखे लगाकर ट्रेनों को सतर्क किया जाए और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दी जाए, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

शिविर में कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन पेट्रोलिंग, जीपीएस के उपयोग तथा ट्रेसपासिंग वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही कर्मचारियों को यह भी समझाया गया कि ट्रैक सुरक्षा के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेलकर्मचारियों ने भाग लिया और सुरक्षित रेल संचालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह संरक्षा शिविर रेलवे की उस गंभीरता को दर्शाता है, जिसके तहत यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध रेल संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।