अजमेर मंडल ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, लाखों की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

अजमेर मंडल ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, लाखों की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

भारतीय रेलवे के ?नेट जीरो कार्बन एमिशन? लक्ष्य की दिशा में अजमेर मंडल लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए प्रभावी प्रयासों के चलते मंडल न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है, बल्कि लाखों रुपये की राजस्व बचत भी सुनिश्चित कर रहा है।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा के अनुसार, अजमेर मंडल में अब तक कुल 4476 किलोवाट पीक (kWp) क्षमता के सोलर पैनल सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इन सौर संयंत्रों के माध्यम से मंडल ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वित्तीय दृष्टि से भी यह पहल बेहद लाभकारी साबित हो रही है। सौर ऊर्जा के उपयोग से अजमेर मंडल को वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 80.05 लाख रुपये की बचत हुई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बचत बढ़कर लगभग 89.57 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

मंडल की भविष्य की योजनाएं भी काफी महत्वाकांक्षी हैं। सौर ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए वर्तमान में 2.5 मेगावाट पीक (MWp) अतिरिक्त क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद मंडल की कुल सौर ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बिजली खर्च में और कमी आएगी।

अजमेर मंडल का यह प्रयास न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण के प्रति उसकी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। आने वाले समय में मंडल अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में और भी नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्वच्छ, हरित और सतत रेल संचालन का सपना साकार हो सके।