चुनाव पूर्व पंचायतों का परिसीमन कराने की माँग तेज

प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की गुहार, हाईकोर्ट में याचिका दायर


आरा - बिहार में पंचायतों के परिसीमन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पूर्व पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन कराने की माँग को लेकर आरा में जिले से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की है।

आरा स्थित होटल एकजोटिका में आयोजित जिला मुखिया महासंघ एवं अन्य प्रतिनिधि संगठनों की जिला स्तरीय कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पंचायतों के पुनः परिसीमन का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि माँगों पर सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने की स्थिति में माननीय पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है ।

बैठक में मुख्य अतिथि बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि बिहार में वर्ष 1994 में 1991 की जनगणना के आधार पर पंचायतों का परिसीमन किया गया था, जबकि वर्तमान में पंचायतों की आबादी लगभग ढाई गुना बढ़ चुकी है। इसके बावजूद परिसीमन नहीं किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों और प्रखंडों में कुछ पंचायतों का क्षेत्रफल 10 किलोमीटर से अधिक रेडियस में फैला हुआ है, जिससे वहाँ विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और प्रशासनिक उपेक्षा बढ़ी है। वहीं, नगर निकायों के गठन और उनके क्षेत्र विस्तार के कारण कई पंचायतों का बिखंडन एवं पुनर्गठन अव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे गंभीर विसंगतियाँ उत्पन्न हुई हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन के दौरान कुछ ऐसे पंचायत वार्ड बनाए गए हैं जिनकी आबादी मात्र 100 के आसपास है, फिर भी उन्हें वार्ड का दर्जा दिया गया है, जो 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1994 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। संविधान के अनुसार प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना के बाद परिसीमन एवं उसी आधार पर आरक्षण लागू किया जाना अनिवार्य है, लेकिन बिहार इस मामले में लगातार पीछे रहा है।

बैठक में यह भी कहा गया कि देश के कई अन्य राज्यों में समय पर परिसीमन कराया गया है, जबकि बिहार में पंचायत प्रतिनिधियों को आज भी पुरानी और अव्यवहारिक सीमाओं के साथ काम करना पड़ रहा है।
बैठक में पंद्रहवी वित्त छठा वित्त योजना की इंट्री पंचायत सरकार भवन विवाह भवन आर्म्स के मामलों में लेट लतीफी पर नाराजगी व्यक्त की गई ।

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव ने किया । और संचालन सचिव अभय कुमार सिंह ने किया।बैठक में मुख्य रूप से मुखिया गण सुजीत कुमार सिंह मुखिया बसंतपुर, विनय प्रताप सिंह प्रखण्ड अध्यक्ष कोईलवर, अनिल कुमार गुप्ता मुखिया देव, परमानंद पासवान मुखिया प्रतिनिधि मकदुमपुर डुमरा, श्री राम सिंह मुखिया बर्राप, बब्बू पासवान मुखिया भारासाढा,चंद्रशेखर सिंह प्रखण्ड अध्यक्ष गड़हनी, सुनील कुमार मुखिया बलीगांव , हरिद्वार सिंह मुखिया प्रतिनिधि ईचरी, सुरेन्द्र सिंह मुखिया प्रतिनिधि डुमरिया, मुन्ना प्रसाद मुखिया प्रतिनिधि सहझौली, विनोद कुमार मुखिया प्रतिनिधि बेलवानिया, बबन पंडित मुखिया प्रतिनिधि ऐकौना , विनय यादव मुखिया प्रतिनिधि, बीरेंद्र कुमार साह मुखिया छोटा सासाराम, सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा मुखिया प्रतिनिधि छावरही, गौरी शंकर प्रसाद मुखिया नौनार, बिपिन बिहारी दास मुखिया नारायणपुर, मुन्ना कुमार मुखिया जेठवार, लालमुक्ति पासवान मुखिया , उषा देवी मुखिया ईचरी, राहुल साह मुखिया प्रतिनिधि बबुरा , रंजय कुमार सिंह मुखिया पूर्वी बबुरा, रितेश कुमार सिंह मुखिया, धनंजय प्रसाद मुखिया प्रतिनिधि सिन्हा, विजय प्रसाद मुखिया मटुकपुर, संजय सिंह मुखिया प्रतिनिधि गठहूला, महेंद्र प्रसाद सिंह मुखिया प्रतिनिधि कुरकुरी , बलिराम यादव प्रखण्ड अध्यक्ष शाहपुर, गजेंद्र सिंह मुखिया अगिआंव, सुरेश सिंह मुखिया विमवा, प्रियरंजन सिंह मुखिया पूर्वी आयर, मुकेश प्रसाद गंगहर, अभय सिंह मुखिया कुसम्हा, मनोज कुमार यादव प्रखण्ड अध्यक्ष सन्देश, मिथुन सिंह मुखिया प्रतिनिधि ठाकुरी, धर्मशिला देवी प्रखण्ड अध्यक्ष उदवंतनगर , शिवजी सिंह मुखिया प्रतिनिधि , मनोज ठाकुर मुखिया गौरा, भूपेंद्र कुमार सिंह मुखिया प्रतिनिधि गोपालपुर, विजय शंकर जिला प्रधान सचिव, रंजीत कुमार मुखिया प्रतिनिधि कायमनगर, जय कुमार सिंह मुखिया प्रतिनिधि, झरोखा देवी मुखिया रामसाढ़, आशा देवी आंखगांव, विजय सिंह मुखिया प्रतिनिधि अंधारी, भाई वीरेंद्र मुखिया बिहिया, सोनामती देवी मुखिया आतवारी, अंकू यादव मुखिया प्रतिनिधि पश्चिमी गुंडी, उमेश कुशवाहा पश्चिमी आयर, रीमा देवी मुखिया चिलोहस, आदि उपस्थित थे