एटा/जलेसर: इसौली में नील कोठी की जमीन को राजस्व टीम ने पैमाइश कर भूमाफियाओ से कब्जा मुक्त कराया, सीमांकन करते हुए चूना भी डलवाया।

*एटा/जलेसर: इसौली में नील कोठी की जमीन को राजस्व टीम ने पैमाइश कर भूमाफियाओ से कब्जामुक्त कराया, सीमांकन करते हुए चूना डलवाया।*


*संवाददाता: रमेश जादौन सिटी अपडेट न्यूज़।*✍️


जलेसर/एटा:

इसौली ग्राम सभा में गाटा संख्या 1215-1216 का कानूनी माप पूरा, राजस्व टीम ने नील कोठी, शीतला माता मेले की भूमि पर सीमांकन करते हुए चूना डलवाया।

जनपद एटा की तहसील जलेसर अंतर्गत ग्राम सभा इसौली के गाँव सुन्दर गढ़ में गाटा संख्या 1215 और 1216 का माप कार्य कानूनगो एवं लेखपाल द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान श्री अनिल प्रताप सिंह (बन्ना साहब), ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि राजवीर सिंह, शिव राम सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुनील कुमार (पप्पू), राजू सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, मुकेश कुमार, गुंजन सिंह,उपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार,गिरजन सिंह, संदीप कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। ये दोनों गाटा संख्या नील कोठी के नाम पर दर्ज हैं, जहां विगत कई वर्षों से शीतला माता मेला आयोजित होता आ रहा है। माप के बाद चूना द्वारा भूमि का सीमांकन भी किया गया, जो प्रधान प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।ग्राम सभा इसौली में शीतला माता मेला भूमि माप का यह कार्य ग्रामीण विकास और भूमि विवादों के निपटारे के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। कानूनगो एवं लेखपाल की टीम ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए दोनों गाटों का सटीक माप किया। भूतपूर्व ग्राम प्रधान श्री बन्ना साहब ने बताया, "यह माप ग्रामवासियों के हित में किया गया है, ताकि भूमि संबंधी कोई अस्पष्टता न रहे। शीतला माता मेला जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन वाली इस भूमि का सही सीमांकन भविष्य में किसी विवाद को रोकने में सहायक होगा।"उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में ग्राम सभा के सदस्य, प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्रीय निवासी शामिल थे। उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की। माप कार्य के समापन पर चूना द्वारा की गई सीमांकन प्रक्रिया ने भूमि की वास्तविक सीमाओं को चिन्हित कर दिया, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।नील कोठी के नाम दर्ज ये गाटा संख्या शीतला माता मंदिर से जुड़े हैं, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शीतला माता मेले में भाग लेते हैं। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है। राजस्व टीम में रवींद्र सिंह राजस्व कानूनगो, आशू कुमार राजस्व लेखपाल शामिल रहे।
विगत कई वर्षों से चले आ रहे इस मेले के लिए भूमि का स्पष्ट सीमांकन अब आयोजकों और प्रशासन के लिए सुविधाजनक साबित होगा। ग्रामीणों का कहना है कि इससे मेला समिति को बेहतर व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।ग्रामीण विकास में यह माप कार्य जिला प्रशासन की भूमि प्रबंधन नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व रिकॉर्ड को अद्यतन रखना है। इससे किसानों, मंदिर समितियों और ग्राम सभाओं को लाभ होगा। संबंधित अधिकारी ने बताया कि इसी प्रकार के अन्य गाटों का माप भी शीघ्र किया जाएगा।ग्रामवासी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि इससे क्षेत्र में विकास कार्य तेज होंगे।