सियालदह मंडल और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट संगठन के बीच समझौता, पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के रूप में मिलेगा अवसर

कोलकाता। पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने रेल परिचालन की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में सियालदह मंडल ने आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट संगठन (एडब्ल्यूपीओ) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा पूर्व सैनिकों के अनुशासन, अनुभव और कार्यकुशलता का लाभ रेलवे संचालन में लेना है। समझौते के अनुसार 16 पॉइंट्समैन पदों को आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट संगठन द्वारा प्रायोजित पूर्व सैनिकों से भरा जाएगा।

रेलवे व्यवस्था में पॉइंट्समैन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे ट्रैक प्वाइंट्स का सही संचालन कर ट्रेनों की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करते हैं। साथ ही वे स्टेशन कार्य नियमों तथा रेलवे के सामान्य और सहायक नियमों का पालन करते हुए जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखते हैं। यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन की विश्वसनीयता बनाए रखने में पॉइंट्समैन की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।

इस योजना के अंतर्गत चयनित पूर्व सैनिकों को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने हेतु रेलवे द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसमें 22 दिनों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 2 दिनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा, ताकि वे रेलवे के कार्यप्रणाली, नियमों और सुरक्षा मानकों से भलीभांति परिचित हो सकें।

यह नियुक्ति अस्थायी आधार पर एक वर्ष की अवधि के लिए या फिर रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के माध्यम से नियमित भर्ती पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।

यह समझौता सियालदह मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में मंडल के अधिकारियों और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट संगठन के निदेशक के बीच हस्ताक्षरित किया गया। यह पहल भारतीय सेना के अनुभव, अनुशासन और कार्यकुशलता को रेलवे की परिचालन आवश्यकताओं के साथ जोड़ते हुए सियालदह मंडल में सुरक्षा और निगरानी के स्तर को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस सहयोग से एक ओर जहां रेलवे के संचालन को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।