संसद में रेल मंत्री ने ट्रेनों की समयपालनता और ट्रैक स्पीड क्षमता पर दी जानकारी

नई दिल्ली। संसद में रेलवे से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेनों की समयपालनता और रेलवे ट्रैक की गति क्षमता में हो रहे सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेनों की समयपालनता को बेहतर बनाने के लिए रेलवे में आईटी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, फॉग सेफ्टी डिवाइस, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और आईओटी आधारित मेंटेनेंस सिस्टम लागू किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक आईसीएफ कोचों को एलएचबी कोचों में परिवर्तित करने का कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जिससे सुरक्षा और संचालन क्षमता में सुधार हुआ है। वर्तमान में देश में प्रतिदिन लगभग 50 हजार ट्रेनें संचालित होती हैं, जबकि कई रेल मंडलों में 90 से 95 प्रतिशत तक समयपालनता दर्ज की जा रही है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि रेलवे ट्रैक के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक लगभग 80 प्रतिशत ट्रैक को उच्च गति के लिए अपग्रेड किया जा चुका है और करीब 50 प्रतिशत ट्रैक सेमी-हाई स्पीड के अनुरूप तैयार हो चुके हैं। साथ ही भविष्य में परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है।

उन्होंने कहा कि रेलवे का लक्ष्य भविष्य में ट्रेनों की समयपालनता को और बेहतर बनाते हुए अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब पहुंचना है।