जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान के प्रयास से अमृतपुर की जर्जर मुख्य सड़क का होगा कायाकल्प, PWD को सौंपी गई मरम्मत की जिम्मेदारी निशांत कुमार | कुम्हम्हरौर

फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर क्षेत्र से लंबे समय तक छात्रावास मुख्य सड़क का मध्य मार्ग साफ हो गया है। अब इस मार्ग की तलाश का कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश ने सड़कों का कार्य लोक निर्माण विभाग को स्थानांतरित करने पर अपनी सहमति दे दी है। यह निर्णय जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान द्वारा 7 फरवरी 2026 को नामांकन पत्र के बाद लिया गया। पत्र में अमृतपुर की मुख्य सड़क की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए इसे मंडी परिषद से पीडब्ल्यूडी को अवैध बनाने की मांग की गई थी।

मामले को लेने से पहले 7 फरवरी 2026 को लगभग 300 मीटर क्षतिग्रस्त मार्ग के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मंडी परिषद के उप निदेशक (निर्माण), नवीन मंडी स्थल नौबस्ता, नबस्ता रोड, कानपुर कार्यालय से 19 फरवरी 2026 को पत्र संख्या 2668 जारी करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि अमृतपुर से मंत्री जी के आवास तक लगभग 300 मीटर सीसी रोड का निर्माण पूर्व मंडी परिषद द्वारा कराया गया था। लेकिन उनके आगे का संपर्क मार्ग काफी समय से मजबूत और टूटे-फूट की वजह से सामान के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पत्थरों के मौसम में यह मार्ग और भी अधिक खतरनाक हो जाता है जिससे, विक्रेताओं के लिए खतरा बना रहता है।

मंडी परिषद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि लोक निर्माण विभाग द्वारा उक्त संपर्क मार्ग पर कब्जा किया गया है तो परिषद को कोई दिक्कत नहीं है। साथ ही संबंधित खंड के सहायक इंजीनियरों और निर्देशकों को नामांकित कर स्थल निरीक्षण की तिथि निर्धारित की गई है और परिषद का पता लगाया गया है, ताकि आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी हो सके।

इस संबंध पत्र में सचिवालय स्टेडियम फर्रुखाबाद, जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान एवं मंडी परिषद्, कानपुर के संबंधित अधिकारियों को सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही का निर्देश दिया गया है।

इस मंजूरी के बाद अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि अमृतपुर की मुख्य सड़क का उद्घाटन कार्य जल्द ही शुरू होगा। सड़क के चिन्हांकन से समसामयिक सहयोग होगा, विपणन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चलाया जाना और रही समस्या से राहत मिल रिहाई।