ग्रीनरी एग्री बिजनेस ने मवैया में जैविक कृषि मेला व प्रदर्शनी आयोजित की

विनय कुमार ने किसानों को फार्मर आईडी, किसान सम्मान निधि व कृषि यंत्र अनुदान योजना की बतायी उपयोगिता

फतेहपुर।गुरूवार को हथगाम विकास खण्ड के मवईया के पंचायत भवन मैदान में नमामि गंगे योजनान्तर्गत जैविक कार्यक्रम से जुड़े 10 क्लस्टर के अलग अलग गाॅवों के किसानों के लिए एकदिवसीय जैविक मेला व प्रदर्शनी का आयोजन कृषि विभाग के सहयोगी संस्था ग्रीनरी एग्रीबिजनेस प्रा. लि. ( हिमाचल प्रदेश) द्वारा किया गया। ग्राम प्रधान ठाकुर प्रसाद ने फीता काटकर आयोजन का शुभारम्भ किया। प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर बीरेन्द्र यादव ने किसानों को जहरमुक्त खेती करने की जानकारी देते हुए जीवामृत बनाने का तरीका सिखाया।उन्होनें किसानों को कृषि पशुपालन व शाक भाजी को साथ मे करके आय बढाने को कहा। वही सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक डाक्टर शिवमंगल सिंह ने नीम के प्रयोग कर जैविक कीटनाशक, जैविक खाद व अनाज भण्डारण का तरीका बताया। डॉ ओ पी वर्मा सयुंक्त कृषि निदेशक (रिटायर्ड)भारत सरकार कलस्टर के किसानों को जैविक कृषि के लिए भूमि सुधार पर जोर दिया। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ खागा विनय कुमार ने किसानों को फार्मर आईडी, किसान सम्मान निधि व कृषि यंत्र अनुदान योजना की उपयोगिता बतायी।कृषि प्रशिक्षक रमाकांत तिवारी ने किसानों को गौ आधारित जैविक खेती की उपयोगी जानकारी दी।औषधीय व सगन्ध खेती के बारे में कृषि सलाहकार व प्रगतिशील किसान,कृषि उद्यमी अमित कुमार ने स्टीविया,तुलसी,कालमेघ,भूमि आवला,पामरोजा,ब्राह्मी,अश्वगंधा,सर्पगंधा आदि उपयोगी फसलों की खेती की जाकारी दी।वहीं आलोक गौड़ ने मंच संचालन करते हुए मेला में आए किसानों को जोड़े रखा।अवधी कलाकार व समाजसेवी शिवसागर सिंह ने अपनी स्वरचित कृतियों व अवधी रचनाओं से किसानों का मनोरंजन किया।मेला प्रागंण मे ही फार्मर रजिस्ट्री कैम्प व किसान सम्मान निधि की शिकायतों का तुरन्त समाधान किया गया।प्रदर्शनी में जैविक कृषि के आदानों महिला स्वय॔ सहायता समूहों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों,भगवान के कपड़े,मिश्री,बाजरा के लड्डू,घरेलू सफाई सामग्री व हरी हर्बल केयर के आयुर्वेदिक उत्पादों को किसानों ने देखा व खरीददारी की। सहयोगी संस्था ग्रीनरी एग्रीबिजनेस प्राईवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर रमेश कुमार और समस्त टीम राहुल सिंह,अनुपम चौहान, बृजेश सिंह, विकास कुमार व अन्य ने आयोजन को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई।इस कार्यक्रम के माध्यम से कृषकों ने निर्णय लिए ज्यादा क्षेत्रफल में जैविक खेती करेंगे !