रेवराल यार्ड में क्रॉसओवर सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण, परिचालन क्षमता एवं सुरक्षा में होगी वृद्धि

रेवराल यार्ड में क्रॉसओवर सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण, परिचालन क्षमता एवं सुरक्षा में होगी वृद्धि

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के अंतर्गत रेवराल यार्ड में प्वाइंट संख्या 102 ए-बी के क्रॉसओवर सुधार का महत्वपूर्ण कार्य इंजीनियरिंग विभाग द्वारा सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह कार्य मंडल रेल प्रबंध दीपक कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत मॉनिटरिंग में संपन्न हुआ।

इस सुधार कार्य के अंतर्गत प्वाइंट संख्या 102-बी को अत्याधुनिक तकनीक एवं रोलर्स की सहायता से लगभग 2.4 मीटर स्थानांतरित किया गया। इस स्थानांतरण से क्रॉसओवर की लंबाई में वृद्धि हुई है, जिससे ट्रैक की ज्योमेट्री अधिक संतुलित एवं मानक अनुरूप हो गई है। पहले जहां ट्रेनों की आवाजाही के दौरान गति एवं संचालन पर तकनीकी सीमाएं थीं, वहीं अब इस सुधार के बाद यार्ड क्षेत्र में ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं दक्षतापूर्ण तरीके से किया जा सकेगा।

इस कार्य से न केवल परिचालन लचीलापन (Operational Flexibility) बढ़ेगा, बल्कि सिग्नलिंग समन्वय एवं रेक मूवमेंट में भी सुविधा होगी। यार्ड में ट्रेनों के क्रॉसिंग एवं शंटिंग कार्यों में समय की बचत होगी, जिससे समग्र परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही, ट्रैक संरचना पर अनावश्यक दबाव कम होगा, जिससे दीर्घकालीन रखरखाव आवश्यकताओं में भी कमी आएगी।

वरिष्ठ मंडल अभियंता अर्पित सरन के निर्देशन में इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने योजनाबद्ध रणनीति के तहत कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया। कार्य के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों, ब्लॉक प्रबंधन एवं तकनीकी प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन किया गया। संबंधित तकनीकी कर्मचारियों एवं पर्यवेक्षकों की सक्रिय भागीदारी से यह कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्वक संपन्न हुआ।

मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने इस उपलब्धि पर इंजीनियरिंग विभाग की सराहना करते हुए कहा कि नागपुर मंडल में आधारभूत संरचना को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सुधारात्मक कार्यों से यात्रियों एवं माल परिवहन दोनों के लिए बेहतर, सुरक्षित एवं समयबद्ध रेल सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।

नागपुर मंडल द्वारा भविष्य में भी यार्ड आधुनिकीकरण एवं ट्रैक संरचना सुधार से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि परिचालन दक्षता एवं सुरक्षा मानकों को और अधिक ऊंचाई प्रदान की जा सके।