नकटीखार गांव में मादक पदार्थों से परेशान ग्रामीण, कार्यवाही को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

CITIUPDATE NEWS(संतोष सारथी)जिले के ग्राम नकटीखार में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और बेचने का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। गांव के अधिकांश घरों में शराब निर्माण और बिक्री होने से शाम होते ही गांव का माहौल बिगड़ जाता है। शराबियों की आवाजाही, गाली-गलौच और आए दिन होने वाले झगड़ों से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय बहन-बेटियों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। विरोध करने पर शराब बनाने और बेचने वाले लोग एकजुट होकर दबाव बनाते हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है। गांव में बाहर से आने वाले लोग भी खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं।

आबकारी विभाग पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इससे पहले आबकारी विभाग में शिकायत की गई थी, लेकिन जांच के नाम पर लेन-देन कर शराब बनाने वालों को छोड़ दिया गया, जिससे उनके हौसले और बढ़ गए। अब स्थिति यह है कि शराब माफियाओं को किसी तरह का डर नहीं रह गया है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शराब बनाने के लिए जंगलों में अवैध लकड़ी कटाई की जा रही है और कई बार जंगल के भीतर ही शराब बनाई जाती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भी शराब के सेवन की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस से कार्यवाही की मांग की है। मामले को गंभीर बताते हुए ग्रामीणों ने बताया कि शराब के साथ गांजा एवं अन्य मादक पदार्थ बड़े ही आसानी से गांव के लोगों को उपलब्ध हो जाते है जिससे समस्या और बढ़ने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।