हरदोई में दलित युवक की मौत के बाद हंगामा, सरकारी कार्य में बाधा डालने पर पुलिस ने की कार्रवाई, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष समेत 7 नामजद व 15 अज्ञात पर एफआईआर

हरदोई। जनपद में दुर्गागंज निवासी रिसेन्द्र की मौत के बाद हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। बिलग्राम कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक अक्षय मलिक की तहरीर पर भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष करन वर्मा पासी समेत सात नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि आरोपियों ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया, सरकारी कार्य में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों से अभद्रता की।
पुलिस के अनुसार युवक की मौत के बाद आरोपियों ने शव को रोक लिया, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बाधित हुई। मौके पर हंगामा और बवाल की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलग्राम पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
यह मामला साण्डी थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। तहरीर में आरोप है कि भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।
पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करन वर्मा पासी (जिलाध्यक्ष), रितेश पासी (मीडिया प्रभारी), प्रेम पाल गौतम (तहसील अध्यक्ष), बलराम (ब्लॉक अध्यक्ष), अंकित, राहुल वर्मा सहित अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिन्हें पुलिस अहम साक्ष्य मानते हुए एक-एक आरोपी की पहचान कर रही है।
बिलग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इसी मामले को लेकर रविवार को ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों ने भाजपा जिला कार्यालय पहुंचकर एक व्यक्ति पर दबाव में एफआईआर दर्ज होने का आरोप लगाया था। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।