छत्तीसगढ़ में धान खरीदी संकट गहराया — हजारों किसान टोकन से वंचित, कई जिलों में विरोध प्रदर्शन

जांजगीर-चांपा / कोरबा / दुर्ग / बलरामपुर / रायपुर:छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में किसान धान नहीं बेच पाए हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किसानों की नाराज़गी, प्रदर्शन और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर किसानों की मानसिक स्थिति बिगड़ने और आत्महत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले भी सामने आए हैं।

जांजगीर-चांपा: 32 किसान अब भी धान बेचने से वंचित

जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तालदेवरी (मंडी क्रमांक 794) से जुड़े बोरसी, गतवा, चोरहादवरी और तालदेवरी के लगभग 32 किसान अब तक धान नहीं बेच पाए हैं।
30 जनवरी 2026 को किसान बम्हनीडीह तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय चांपा और कलेक्टर कार्यालय जांजगीर पहुंचे और टोकन जारी करने की मांग की।

किसान गोस्वामी खुंटे, शिव साहू, राममति केंवट, राधेश्याम चंद्रा, श्यामलाल साहू, मथुरा प्रसाद मधुकर, नरेंद्र केवट, वेदमती मांझी, रामेश्वर मांझी, श्यामलाल मांझी सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
जनपद पंचायत सदस्य कविता राजेंद्र आजाद (क्षेत्र क्र. 15, बम्हनीडीह) के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि राज्य शासन से आदेश आने तक तिथि बढ़ाने या विशेष टोकन जारी करने का निर्णय संभव नहीं।

प्रदेश स्तरीय स्थिति: 2.41 लाख किसान धान नहीं बेच पाए

विवरणआंकड़े

कुल पंजीकृत किसान27,53,007

धान बेचने वाले किसान25,11,350

धान न बेच पाने वाले किसान2,41,657

प्रतिशत खरीदी91.22%

सरकार ने 2025-26 में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक लगभग 140 लाख मीट्रिक टन खरीदी हो सकी है ? यानी लक्ष्य से 20 लाख मीट्रिक टन कम

दुर्ग जिला: 9500 किसान शेष

दुर्ग जिले में अब भी 9500 से अधिक किसान धान बेचने से वंचित हैं।
यहाँ 61.64 लाख क्विंटल लक्ष्य के विरुद्ध 53.70 लाख क्विंटल खरीदी हुई, जबकि 3.04 लाख क्विंटल धान शेष है। किसानों ने बारदाने की कमी और तकनीकी दिक्कतों को कारण बताया।

कोरबा: टोकन न मिलने पर किसान ने आत्महत्या का प्रयास

हरदीबाजार क्षेत्र के कोरबी गांव निवासी किसान सुमेर सिंह ने टोकन न मिलने से परेशान होकर कीटनाशक खा लिया। वे अस्पताल में भर्ती हैं।
उनकी पत्नी ने बताया कि 68 क्विंटल धान डेढ़ महीने से नहीं बिक पा रहा था।

जांजगीर-चांपा (अकलतरा): फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश

ग्राम सांकर के एक किसान ने धान नहीं बिकने से मानसिक तनाव में आकर फिनाइल पी लिया। समय पर अस्पताल पहुंचने से जान बची।

बलरामपुर: टोकन समस्या पर चक्का जाम

महावीरगंज चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की गई।

रायपुर (अभनपुर): AAP का NH-30 पर चक्का जाम

आम आदमी पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि छोटे किसानों को पर्याप्त टोकन नहीं दिए गए। पार्टी ने धान खरीदी की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग की।

सरकार का पक्ष

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा:

"धान खरीदी का आज अंतिम दिन है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि हर किसान का धान खरीदा जाए।"

कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि समय बढ़ाने की आवश्यकता नहीं।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जिन किसानों का धान शेष है, उनके लिए व्यवस्था की गई है, पर मियाद बढ़ाने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

किसानों की प्रमुख समस्याएँ

  • टोकन जनरेशन में गड़बड़ी

  • बारदाने की कमी

  • सर्वर/तकनीकी समस्या

  • खरीदी केंद्रों की दैनिक लिमिट कम

  • भौतिक सत्यापन में देरी

किसानों की मांग

  1. धान खरीदी की तिथि बढ़ाई जाए

  2. सभी किसानों को टोकन जारी हों

  3. भौतिक सत्यापन की बाध्यता हटे

  4. शेष धान की तुरंत खरीदी

निष्कर्ष

प्रदेशभर में धान खरीदी लक्ष्य अधूरा रहने, लाखों किसानों के धान शेष रहने और कई जिलों में विरोध प्रदर्शनों से स्थिति तनावपूर्ण है। प्रशासन का कहना है कि शासन स्तर के निर्णय के बाद ही कोई राहत संभव है।

Citiupdate के लिए समीर खूंटे की रिपोर्ट...