रायगढ़ के 53, 9 और 31 उपार्जन केन्द्रों में दैनिक खरीदी की बढ़ी लिमिट

अवैध धान परिवहन पर प्रशासन का चला चाबुक, 193 प्रकरण दर्ज, 1.36 लाख क्विंटल से अधिक धान जब्त, 225 कोचियों बिचौलियों के विरूद्ध हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

रायगढ़ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 83 हजार 641 पंजीकृत किसानों के विरुद्ध अब तक 70 हजार 544 किसानों द्वारा धान विक्रय किया जा चुका है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।

जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान विक्रय हेतु प्राप्त आवेदनों के अनुसार समय-समय पर उपार्जन केंद्रों की दैनिक खरीदी सीमा में वृद्धि की गई है। इसके तहत 53 उपार्जन केंद्रों, 9 उपार्जन केंद्रों एवं 31 धान उपार्जन केंद्रों की दैनिक खरीदी लिमिट बढ़ाई गई है, जिससे किसानों को समय पर टोकन और त्वरित धान विक्रय की सुविधा मिल रही है।

जिले में धान के अवैध परिवहन एवं कोचिया-बिचौलियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। सर्वाधिक 193 प्रकरण दर्ज, राज्य में 1 लाख 36 हजार 545.20 क्विंटल धान जब्त तथा 38 परिवहन वाहनों की जब्ती की गई है। साथ ही 225 कोचिया-बिचौलियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जो प्रशासन की सख्ती और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं, 5 हजार 449 किसानों द्वारा मैनुअल टोकन जारी करने के लिए प्राप्त आवेदनों में से 5 हजार 12 किसानों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर टोकन जारी कर धान क्रय किया जा रहा है। शेष 437 आवेदनों का सत्यापन कार्य सतत रूप से जारी है, जिनका धान क्रय आगामी तिथियों में सुनिश्चित किया जाएगा।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाई गई है। किसानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हुए सभी पंजीकृत कृषकों का धान समितियों के माध्यम से सफलतापूर्वक क्रय किया जा रहा है।