रंजना होटल विवाद में वकीलों का प्रदर्शन, हाईकोर्ट में सुनवाई टलने के बाद सड़क पर उतरे, मामला बढ़ते देख पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

हरदोई। चर्चित रंजना होटल विवाद ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में होटल मालिक अनुराग शुक्ला की एफआईआर निरस्त कराने की याचिका पर सुनवाई टलने के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के चलते शुक्ला की मुश्किलें बढ़ गईं, वहीं हरदोई में पहले से जारी अधिवक्ता हड़ताल और उग्र हो गई।
5 जनवरी से जारी हड़ताल के बीच बार एसोसिएशन की आम सभा में माहौल बेहद गर्म रहा। पूर्व महामंत्री अरविंद सिंह करौंदी ने जोशीले संबोधन में अधिवक्ताओं से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बार अध्यक्ष रामेंद्र सिंह तोमर ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा यह मामला है, इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके बाद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय की ओर कूच किया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीओ और संबंधित थानों के प्रभारी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता की। पुलिस अधिकारियों ने चार घंटे के भीतर अनुराग शुक्ला की गिरफ्तारी और दो घंटे में रंजना होटल के अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया। महामंत्री अनिल मिश्रा बहोरवा ने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में कार्रवाई न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बताया गया कि 4 जनवरी को रोहित सिंह की तहरीर पर मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। वकीलों के दबाव और बढ़ते विरोध के बीच शहर कोतवाली पुलिस ने आनन-फानन में मुख्य आरोपी अनुराग शुक्ला उर्फ हिमांशु शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस उमाकांत, छोटू उर्फ रामकृपाल और जतिन उर्फ शशांक त्रिवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फिलहाल पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।