राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह पत्र भेज कर पुलिस प्रशासन पर लगाया आरोप

रायबरेली।जनपद में पार्टी के कार्यकताओं के साथ स्नातक शिक्षक तथा पंचायत चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में महावीर सिंह महाविद्यालय में सुबह एक बैठक आयोजित थी।जिसमें हम लोग शामिल होकर चुनावी तैयारियां कर रहे थे कि इतने में महाविद्यालय के सामने से रायबरेली-लखनऊ राजमार्ग से मोदी जी की श्रद्धेय माता जी को गाली दिये जाने के बाद पहली बार श्री राहुल गाँधी जी का काफिला निकल रहा था,उस सड़क के किनारे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बिहार राज्य में मोदी जी की दिवंगत श्रद्धेया माता जी को गाली दिये जाने और उन गाली देने वाले कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी जी अथवा कांग्रेस नेतृत्व के द्वारा कुछ कहा भी नहीं गया और न ही राहुल गांधी को भारत के प्रधानमंत्री की मां को गाली दिये जाने पर कोई अफसोस ही हुआ।इस कारण क्षुब्ध होकर सिर्फ सड़क के किनारे यह बैनर लेकर कि'मोदी जी की मां का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान'और भारतीय जनता पार्टी के झण्डे लेकर रायबरेली के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता विरोध प्रकट कर रहे थे। किसी भी कार्यकर्ता का मंतव्य सड़क पर जाने का और न ही आवागमन बाधित किये जाने का था।क्योंकि सड़क के दोनों ओर साफ-साफ बैनर लगे थे कि आम नागरिकों के लिए मार्ग खुला है।इससे साफ होता है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का प्रयास था कि जनमानस को असुविधा न हो और सरकार की छवि पर भी कोई आंच न आये, किन्तु पुलिस के अधिकारियों के द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गयी,लोगों को नियंत्रित करने के लिए छोटा सा माइक हैण्डसेट छीन लिया, झण्डे छीन लिये और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गयी।यह सूचना जैसे हम लोगों के पास पहुंची, हम लोग मीटिंग से निकल कर बाहर आये,उस समय भी सामान्य तरह से विरोध करने वाले पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस अपमानित कर रही थी।जिस पर अन्य पार्टी जनों को कार्यकर्ताओं के समर्थन में आगे आकर बीच-बराव और प्रोटेस्ट करना पड़ा।दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जी का दौरा हतप्रभ करने वाला रहा।जनपद के प्रशासन और पुलिस के द्वारा राहुल गांधी के आगमन पर दो दिन तक लगातार 70-70 किलोमीटर का रूट डायवर्जन घोषित किया गया।इसी के साथ रायबरेली के हर चौराहे पर छोटी-छोटी दुकानें लगाकर रोजी-रोटी चलाने वाले फल-सब्जी वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के ठेलों को भगाकर को रेहड़ी-पटरी दुकानदारों से मुक्त करा दिया गया।इससे गरीब और सफर करने वाले लोगों में क्षोभ व्याप्त हो गया है।राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उन्हें भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है।सम्भव है नेता प्रतिपक्ष के कुछ और प्रोटोकाल हों,मैं नहीं जानता किन्तु जिस तरह का वातावरण रायबरेली का बनाया गया,जैसे देश नहीं विदेश का कोई राष्ट्राध्यक्ष रायबरेली आ रहा हो,गरीब दिखने न पाये,सड़कें चमचमाती रहें, कोई व्यक्ति सड़क पर दिखाई न पड़े,जहां कहीं कुछ दिखने लायक था उसको व्यू कटर से ढका गया।इससे गरीब आदमी को आतंकित किया गया,यह अनुचित था इसकी जांच होनी चाहिए और जो दोषी हो उसके विरुद्ध कार्यवाही भी की जाए।वही जनपद पुलिस प्रशासन द्वारा जारी प्रेसविज्ञप्ति में आरोपों का खंडन किया है।