सात साल से पुलिस को चकमा दे रहा था वारंटी, आधार में नाम बदला; हाथ के ‘ओम’ ने खोल दिया राज

कासगंज। न्यायालय से गिरफ्तारी से बचने के लिए आधार कार्ड में अपना नाम बदलकर सात साल से फरार चल रहे वारंटी को जीआरपी कासगंज ने गिरफ्तार कर लिया। सिकंदराराऊ निवासी रतन उर्फ रतना ने अपना नाम बदलकर कुलदीप कर लिया था और मंगोलपुरी दिल्ली में छिपकर रह रहा था। पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंचती तो वह कुलदीप नाम का आधार कार्ड दिखाकर खुद को रतन का भाई बताकर गुमराह कर देता था। पुराने अभिलेखों में दर्ज उसके दाहिने हाथ के पंजे पर बने ?ओम? के निशान ने आखिरकार उसकी पहचान खोल दी।

पुलिस के अनुसार रतन उर्फ रतना उर्फ कुलदीप पुत्र राजपाल निवासी मोहल्ला दमदपुरा, कस्बा व थाना सिकंदराराऊ, जनपद हाथरस, करीब 29 वर्ष का है। वह वर्ष 2019 से न्यायालय से लगातार अनुपस्थित चल रहा था। उसके खिलाफ जीआरपी कासगंज थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 22/2019 धारा 414 आईपीसी में अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन), कासगंज की अदालत से कई बार गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने आधार कार्ड में रतन उर्फ रतना नाम बदलकर कुलदीप करा लिया और अपना मूल निवास छोड़कर मंगोलपुरी दिल्ली में रहने लगा। पुलिस की तलाश के दौरान वह कुलदीप नाम का आधार कार्ड दिखाकर खुद को रतन का भाई बताता था। पुराने अभिलेखों से पुलिस को उसके दाहिने हाथ के पंजे पर ?ओम? बने होने की जानकारी मिली। गिरफ्तारी के दौरान निशान से पहचान का मिलान कराया गया। इसके बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम रतन उर्फ रतना और नाम बदलकर कुलदीप के रूप में रहने की बात स्वीकार की।

जीआरपी ने आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर व्यक्तिगत पतारसी-सुरागरसी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर लगातार प्रयास किए। 17 सितंबर को सुबह करीब 9:30 बजे मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन कासगंज के मुख्य गेट से रतन उर्फ रतना उर्फ कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी चलती ट्रेनों में चोरी की घटनाएं करता था और उसके खिलाफ जीआरपी समेत विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

आरोपी के खिलाफ जीआरपी कासगंज में धारा 414 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट के दो मुकदमों के अलावा धारा 110 जी के तहत चालान तथा सिकंदराराऊ थाने में धारा 325, 323, 504 और 506 आईपीसी के तहत भी मामला दर्ज है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष कोमल कुन्तल, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल मानवेन्द्र सिंह और कांस्टेबल विपिन कुमार शामिल रहे।