मां वैष्णो देवी के दरबार में आस्था का महाकुंभ, नवरात्रों में 4 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मां वैष्णो देवी के दरबार में आस्था का महाकुंभ, नवरात्रों में 4 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

कटड़ा में गूंजे जय माता दी के जयकारे, खराब मौसम भी नहीं डिगा भक्तों का विश्वास; दीपावली के बाद फिर बढ़ सकती है यात्रा

कटड़ा। मां वैष्णो देवी के पावन दरबार में शारदीय नवरात्रों के दौरान आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। देशभर से पहुंचे करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मौसम में उतार-चढ़ाव के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना रहा। आधार शिविर कटड़ा से लेकर मां के भवन और भैरव घाटी तक हर तरफ जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे।

नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार आमद से कटड़ा में धार्मिक उत्सव की रौनक देखते ही बनी। प्रतिदिन हजारों भक्त यात्रा पंजीकरण करवाकर मां के दरबार की ओर रवाना होते रहे। सोमवार को मौसम सामान्य रहने से श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान राहत मिली। यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं के बीच भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ मां के दर्शन के लिए आगे बढ़ते नजर आए।

नवरात्रों में लगातार उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

यात्रा के आंकड़ों के अनुसार, 11 अक्टूबर को पहली नवरात्रि पर करीब 47,500 श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। 12 अक्टूबर को 48,300, 13 अक्टूबर को 46,500, 14 अक्टूबर को 42,000, 15 अक्टूबर को 40,000, 16 अक्टूबर को 41,800, 17 अक्टूबर को 48,500 और 18 अक्टूबर को अष्टमी के दिन करीब 47,700 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।

सोमवार 19 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक करीब 19,000 श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। इसके बाद भी भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। लगातार उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ नवरात्रों के प्रति लोगों की गहरी आस्था और मां वैष्णो देवी के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती है।

मां के दर्शन के बाद भैरव बाबा के दरबार में भी पहुंचे भक्त

मां वैष्णो देवी के भवन में दर्शन कर श्रद्धालुओं ने अपने परिवारों के लिए सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। भवन परिसर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ में भी भक्तों ने भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। मां के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दरबार में भी नतमस्तक हुए।

नवरात्रों की अष्टमी पर कटड़ा के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। नगर के विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति, सेवा और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।

श्रद्धालुओं की आमद से कटड़ा के बाजारों में भी रौनक

मां के दरबार में पहुंच रहे श्रद्धालुओं का उत्साह कटड़ा की व्यापारिक गतिविधियों में भी दिखाई दिया। दर्शन के बाद भक्त बाजारों में प्रसाद, पूजा सामग्री और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी करते नजर आए। इससे स्थानीय बाजारों में चहल-पहल बनी रही और व्यापारियों में भी उत्साह देखने को मिला। नवरात्रों के दौरान धार्मिक पर्यटन ने कटड़ा के वातावरण को और जीवंत बना दिया।

दीपावली के बाद फिर बढ़ सकती है यात्रा

आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों के चलते कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, जानकारों के अनुसार भैया दूज के बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा में एक बार फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

कुल मिलाकर, शारदीय नवरात्रों में मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब आस्था, विश्वास और सेवा की अनूठी तस्वीर पेश कर रहा है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद भक्तों का उत्साह और मां के दर्शन की लालसा बरकरार रही। कटड़ा से भवन और भैरव घाटी तक गूंजते जय माता दी के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।