हिमाचल के जापानी फल की रेल से पहली बार हावड़ा तक ढुलाई, लुधियाना से भेजे गए 2.6 टन पर्सिमोन

फिरोजपुर। हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में तैयार होने वाले पर्सिमोन यानी जापानी फल अब रेल के जरिए देश के बड़े बाजारों तक पहुंचेंगे। फिरोजपुर मंडल ने पहली बार लुधियाना से हावड़ा तक पर्सिमोन फलों की रेल ढुलाई शुरू की है। इससे हिमाचल के बागवानों को अपने उत्पाद को दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने का नया और बेहतर माध्यम मिला है।

मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में फिरोजपुर मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से पर्सिमोन फलों की रेल ढुलाई के लिए नया माल यातायात प्राप्त किया गया। 12 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 13006 अमृतसर?हावड़ा मेल के एसएलआर कोच में लुधियाना रेलवे स्टेशन से पर्सिमोन की पहली खेप रवाना की गई।

इस दौरान 98 पैकेटों में कुल 2,600 किलोग्राम पर्सिमोन लुधियाना से हावड़ा के लिए लोड किया गया। फिलहाल पर्सिमोन की खेप हावड़ा, कोलकाता और सियालदह भेजी जा रही है। आने वाले दिनों में पटना और गुवाहाटी जैसे अन्य प्रमुख शहरों को भी रेल परिवहन से जोड़ने की योजना है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू सहित ठंडे बागवानी क्षेत्रों में किसान पर्सिमोन की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कम लागत, बेहतर मूल्य और घरेलू बाजार में बढ़ती मांग के कारण यह फल किसानों के लिए आय का अच्छा माध्यम बन रहा है। पर्सिमोन को जापानी फल या अमरफल के नाम से भी जाना जाता है। यह विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पौष्टिक फल माना जाता है।

फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक माल परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि मंडल की विश्वसनीय और समयबद्ध माल परिवहन व्यवस्था व्यापारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रही है। रेलवे की ओर से माल यातायात बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।