हरदोई में प्रसूता की मौत से निजी अस्पतालों पर उठे सवाल, शिव अस्पताल पर गंभीर आरोप, इलाज की गुणवत्ता और आपातकालीन सुविधाओं पर सवाल

हरदोई। शहर के सांडी रोड स्थित निजी शिव अस्पताल में प्रसव के बाद 32 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आने से निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की पहचान ज्योति के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
परिजनों के मुताबिक, ज्योति को प्रसव के लिए शिव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। आरोप है कि मौत के बावजूद परिजनों को महिला के जीवित होने की बात कहकर लखनऊ ले जाने के लिए कहा गया। वहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला के साथ लखनऊ गए अस्पताल से जुड़े लोग बाद में वहां से चले गए। इसके बाद जब परिजन वापस शिव अस्पताल पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
इस घटना ने निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शहर के बाहरी इलाकों में संचालित कई निजी अस्पतालों के बाहर बड़े-बड़े बोर्ड पर डॉक्टरों के नाम और डिग्रियां लिखी दिखाई देती हैं। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि अस्पतालों में वास्तव में योग्य चिकित्सक उपलब्ध हैं या नहीं और आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उचित इलाज मिल रहा है या नहीं।
अब मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।