स्वरांगिनी कराओके ग्रुप की सजी महफिल

*ग़ज़ल और गीतों की सजी महफिल
इंदौर -: �शहर के शौकीया गायक कलाकारों जिसमें शहर के डाक्टर प्रोफेसर, आफिसर्स व्यवसायी गायकों ने स्वरांगिनी कराओके क्लब के मंच पर ग़ज़ल और मधुर गीतों की शानदार प्रस्तुति अभिनव कला समाज सभागृह में दी। कार्यक्रम के संयोजक सूत्रधार जनार्दन शर्मा ने साथीयों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर श्री गणेश वंदना की प्रस्तुति दी तत्पश्चात जगजीत सिंह कि ग़ज़ल झुकी, झुकी सी नज़र से कार्यक्रम का आगाज किया।सुखबीर सिंह जी ने गुलामअली कि गजल हमको किसके ग़म ने मारा गाकर श्रोताओं की दाद लूटीं। डॉ सुनील गेहलोत ने पंथी हूं मैं उस पथ का ग़ज़ल की मीठास घोल दी, डॉ अनिल राठोड़ ने तुमने न जाना गीत से समां बांधा। डॉ मनीष दवे, ने पंकज उदास की ग़ज़ल चांदी जैसा रंग है तेरा पर सबने तालीयो से स्वागत किया। विक्रम कर ने बहुत प्यार करतें हैं तुमको सनम गीत सुनाया।
�डॉ ज्योति सिंह, डॉ ज्योति शर्मा, डॉ राजेश भंडारी पल्लवी धानोटकर,अंजु शर्मा की ग़ज़लों को सबने सराहा तो वहीं तपन सेन, लता सेन,नीता निदाने, ,विनय कुमार, संतोष मिश्रा, राजेश पुरोहित ने भी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का अंतिम गीत राजेश्वरी बाहेती ने यारा सीली, सीली विरहा की रात का जलवा सुनाकर समापन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन जनार्दन शर्मा ने किया आभार विक्की कुमार ने किया।