संजय खरे ने संभाला मध्य रेल के प्रधान मुख्य इंजीनियर का पदभार, 32 वर्षों का अनुभव

मुंबई। मध्य रेल में संजय खरे ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रधान मुख्य इंजीनियर का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले वह पश्चिम रेलवे में मुख्य ट्रैक इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने रजनीश माथुर का स्थान लिया है, जो 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए।

संजय खरे भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा के 1991 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से जल संसाधन विषय में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।

रेलवे में अपने करीब 32 वर्षों के सेवाकाल के दौरान संजय खरे ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने रेनुकूट और अहमदनगर में सहायक मंडल इंजीनियर के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद कार्यकारी इंजीनियर और उप मुख्य इंजीनियर के रूप में मध्य रेल की कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई।

उनके प्रमुख कार्यों में पनवेल-कर्जत नई रेल लाइन, लातूर-मिरज आमान परिवर्तन और अमरावती-नरखेड़ नई रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

संजय खरे ने मध्य रेल के सोलापुर और नागपुर मंडलों में वरिष्ठ मंडल इंजीनियर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा पुणे स्थित भारतीय रेल सिविल इंजीनियरिंग संस्थान में वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

रेलवे के अनुसार, संजय खरे को प्रबंधन, निर्माण कार्यों और सामान्य प्रशासन का व्यापक अनुभव है। उनके अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता से मध्य रेल को विभिन्न चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद है।