राष्ट्रीय कब-बुलबुल बाल महोत्सव में आयशा आलम ने चित्रकला में जीता प्रथम पुरस्कार

राष्ट्रीय कब-बुलबुल बाल महोत्सव में आयशा आलम ने चित्रकला में जीता प्रथम पुरस्कार

राष्ट्रीय बाल महोत्सव में उत्तर मध्य रेलवे की प्रतिभाओं का जलवा

प्रयागराज। राष्ट्रीय कब-बुलबुल बाल महोत्सव में उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज की नन्हीं प्रतिभाओं ने शानदार प्रदर्शन कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। 22 से 26 अक्टूबर तक पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से लखनऊ के ऐशबाग स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में 10 राज्यों के लगभग 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें आयशा आलम ने चित्रकला की व्यक्तिगत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

सहायक कार्मिक अधिकारी नवाब आलम की पुत्री आयशा आलम ने ?एक पेड़ मां के नाम? विषय पर आकर्षक चित्र बनाकर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं, राज्य आयुक्त स्काउट एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सूबेदारगंज डॉ. आशीष अग्रवाल की पुत्री आरवी अग्रवाल और पावर कंट्रोल मुख्यालय सूबेदारगंज में तकनीशियन ग्रेड-1 राम सिंह पाल की पुत्री अर्णा पाल ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में रैंप वॉक के जरिए दर्शकों का मन मोह लिया।

महोत्सव में चित्रकला, फैंसी ड्रेस और खेलकूद सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हस्तकला प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, जबकि फूड प्लाजा में बिना आग जलाए और बिना पकाए भोजन तैयार करने की गतिविधि के माध्यम से पाक-कला, स्वच्छता और प्रस्तुतीकरण का हुनर दिखाया। इन गतिविधियों से बच्चों को आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिला।

विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आयशा आलम, आरवी अग्रवाल और अर्णा पाल को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली की उप निदेशक गाइड सुरेखा श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

फ्लॉक लीडर पूजा शर्मा, सूबेदारगंज और राज्य संगठन आयुक्त गाइड मंजू जोशी के निर्देशन में तीनों बुलबुलों ने महोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया। राष्ट्रीय मुख्यालय की ओर से निर्धारित प्रतिभागियों की संख्या पूरी नहीं होने के बावजूद तीनों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

महोत्सव में 7 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए पांच दिनों में कुल 13 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, अनुशासन, आत्मविश्वास, सहयोग, नेतृत्व क्षमता और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना था।

तीनों बाल प्रतिभागियों की उपलब्धि पर उत्तर मध्य रेलवे और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रयागराज परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। संगठन ने अभिभावकों से बच्चों को कम उम्र से ही स्काउटिंग एवं गाइडिंग से जोड़ने की अपील की, ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर मिल सकें।