मुंबई लोकल की सिग्नल व्यवस्था में खराबी से रेल परिचालन प्रभावित, मध्य रेल ने चरणबद्ध तरीके से बहाल की चारों लाइनें

मुंबई लोकल की सिग्नल व्यवस्था में खराबी से रेल परिचालन प्रभावित, मध्य रेल ने चरणबद्ध तरीके से बहाल की चारों लाइनें

कांजुरमार्ग स्टेशन पर सुबह 9:30 बजे आई खराबी, शाम 6:18 बजे अप स्लो लाइन भी हुई बहाल

मुंबई। मध्य रेल के मुंबई मंडल में 26 अक्टूबर 2026 को कांजुरमार्ग स्टेशन पर सिग्नल व्यवस्था में खराबी आने से उपनगरीय रेल परिचालन प्रभावित हुआ। सुबह करीब 9:30 बजे आई इस तकनीकी खराबी के कारण कांजुरमार्ग स्टेशन और विक्रोली-भांडुप रेलखंड में सिग्नल काम करना बंद कर गए। इसके बाद मध्य रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों का परिचालन जारी रखने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए।

रेलवे प्रशासन ने प्रभावित रेलखंड पर निर्धारित सुरक्षा नियमों के तहत विशेष व्यवस्थाएं लागू कीं। कांजुरमार्ग स्टेशन तथा विक्रोली और भांडुप के बीच ए-बोर्ड प्राधिकार के माध्यम से ट्रेनों का संचालन किया गया। इसके अलावा डाउन लोकल और डाउन थ्रू लाइनों पर विक्रोली से भांडुप के बीच तथा अप लोकल और अप थ्रू लाइनों पर भांडुप से विक्रोली के बीच एब्सोल्यूट ब्लॉक वर्किंग लागू की गई। टीडी 912 प्राधिकार के तहत भी ट्रेनों का परिचालन किया गया।

इन सुरक्षा व्यवस्थाओं के तहत सबसे पहले विक्रोली से डाउन स्लो लाइन पर ट्रेन संख्या के39 और डाउन फास्ट लाइन पर ट्रेन संख्या बीएल11 को चलाया गया। रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित सिग्नल व्यवस्था को ठीक करने के लिए तत्काल काम शुरू किया और चरणबद्ध तरीके से सभी प्रभावित लाइनों को बहाल किया।

शाम तक चारों रेल लाइनों पर बहाल हुई सिग्नल व्यवस्था

मध्य रेल के अनुसार, डाउन फास्ट लाइन पर सिग्नल व्यवस्था शाम 4:10 बजे, अप फास्ट लाइन पर शाम 4:46 बजे, डाउन स्लो लाइन पर शाम 5:30 बजे और अप स्लो लाइन पर शाम 6:18 बजे बहाल कर दी गई। इस तरह प्रभावित चारों लाइनों पर सिग्नल व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया गया।

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील नीला ने यात्रियों से रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्री रेलवे पटरियों पर न चलें और न ही पटरियां पार करें। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर या लिफ्ट का ही इस्तेमाल करें।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सिग्नल में खराबी आने के दौरान भी ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया।