मिशन शक्ति से बेटियों को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश मां काली मंदिर पोखरे पर नुक्कड़ नाटक से साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के प्रति किया जागरूक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर महिलाओं क

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय 

चकिया। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चंदौली पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को थाना चकिया क्षेत्र के मां काली मंदिर पोखरे परिसर में महिलाओं, युवतियों और छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। महिला शक्ति नोडल अधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी चकिया अजीत सिंह चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक चकिया संजय कुमार सिंह की सहभागिता रही। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को बेटियों की सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में चुप रहने के बजाय पुलिस की सहायता लें। उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 सहित अन्य उपयोगी नंबरों की जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई।

पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर पुलिस, जांच एजेंसी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर रुपये ऐंठने का प्रयास करते हैं। ऐसे किसी भी फोन या वीडियो कॉल से घबराकर पैसे न भेजें। अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और निजी विवरण किसी अनजान व्यक्ति को न दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और पुलिस टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर महिला सुरक्षा, अधिकारों और साइबर जागरूकता का संदेश दिया। पंपलेट वितरित कर महिलाओं और बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।

क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी ने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना भी है। महिलाएं और बेटियां समाज की ताकत हैं। उनकी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी महिला या बालिका के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा अपराध की स्थिति में पुलिस सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराना, ऑनलाइन ठगी करना और निजी जानकारी हासिल करना अपराधियों के प्रमुख हथकंडे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आसपास की अन्य महिलाओं को भी जागरूक करें, ताकि कोई भी व्यक्ति भय, लालच या जानकारी के अभाव में साइबर ठगी का शिकार न बने। पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।

इस दौरान क्षेत्राधिकारी चकिया अजीत सिंह चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक चकिया संजय कुमार सिंह, महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकी प्रभारी खुशबू यादव, महिला कांस्टेबल खुशी तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।